चेन्नई के एमजीएम हेल्थकेयर के डॉक्टरों ने एक जटिल चिकित्सा स्थिति के बावजूद एक पुलिस अधिकारी की सफल चेस्ट कॉन्टूरिंग सर्जरी की। मरीज ग्रेड 3 गाइनेकोमास्टिया और स्टेज 1 लिवर फेलियर से पीड़ित था।

  • एमजीएम हेल्थकेयर ने ग्रेड 3 गाइनेकोमास्टिया और लिवर फेलियर से ग्रस्त मरीज की सफल सर्जरी की।
  • रक्तस्राव के जोखिम के कारण लिपोसक्शन के बजाय ओपन सर्जिकल दृष्टिकोण अपनाया गया।
  • सर्जरी में तीन घंटे का समय लगा, जिसमें फ्री निप्पल ग्राफ्ट का उपयोग किया गया।

चेन्नई स्थित एमजीएम हेल्थकेयर (MGM Healthcare) ने चिकित्सा जगत में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने एक 44 वर्षीय पुलिस अधिकारी की जटिल ओपन सर्जिकल चेस्ट कॉन्टूरिंग प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया। मरीज न केवल गंभीर गाइनेकोमास्टिया (पुरुषों में स्तन ऊतकों का बढ़ना) से पीड़ित था, बल्कि वह स्टेज 1 लिवर फेलियर की स्थिति से भी जूझ रहा था, जिसने इस ऑपरेशन को अत्यधिक जोखिम भरा बना दिया था।

मरीज को ग्रेड 3 गाइनेकोमास्टिया था, जिसके कारण स्तन ऊतकों में अत्यधिक वृद्धि और त्वचा का फैलाव हो गया था। एक पुलिस अधिकारी होने के नाते, इस शारीरिक स्थिति ने उनके पेशेवर जीवन को प्रभावित किया था। उन्हें दौड़ने और वर्दी बदलने में कठिनाई हो रही थी, जिससे उनके आत्मविश्वास में भारी कमी आई थी और वे सामाजिक शर्मिंदगी महसूस कर रहे थे।

लिवर की कार्यक्षमता में कमी के कारण मरीज में रक्तस्राव (bleeding abnormalities) की समस्या थी। सामान्य तौर पर ऐसी प्रक्रियाओं के लिए लिपोसक्शन का उपयोग किया जाता है, लेकिन लिवर की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने पारंपरिक लिपोसक्शन को खारिज कर दिया और एक ओपन सर्जिकल दृष्टिकोण अपनाने का निर्णय लिया ताकि रक्तस्राव को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सके।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला बहु-विषयक चिकित्सा समन्वय (multi-disciplinary coordination) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। जब एक मरीज को एक साथ एंडोक्राइन (हार्मोनल) और ऑर्गन फेलियर जैसी समस्याएं होती हैं, तो सर्जरी का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। इस मामले में प्लास्टिक सर्जरी, एनेस्थीसिया और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी टीमों के बीच सटीक तालमेल ने ही इस जटिल सर्जरी को सफल बनाया।

"लिवर की शिथिलता वाले मरीजों में सर्जिकल हस्तक्षेप के लिए विशेष एनेस्थेटिक एजेंटों और सटीक रक्तस्राव प्रबंधन की आवश्यकता होती है, जो इस मामले में निर्णायक साबित हुआ।"

सर्जरी का नेतृत्व वरिष्ठ सलाहकार और प्लास्टिक, एस्थेटिक और रिकंस्ट्रक्टिव माइक्रोसर्जरी के प्रमुख एस. नारायणमूर्ति और वरिष्ठ सलाहकार प्लास्टिक सर्जन सुरेश राजेंद्रन ने किया। तीन घंटे तक चली इस प्रक्रिया में 'डबल-इंसीजन मास्टेक्टॉमी' और 'फ्री निप्पल ग्राफ्ट' का उपयोग किया गया, जिससे मरीज को एक सममित और मर्दाना चेस्ट कॉन्टूर प्राप्त हुआ।

पूरी प्रक्रिया के दौरान लिवर-फ्रेंडली एनेस्थेटिक एजेंटों का उपयोग किया गया ताकि मरीज के लिवर पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर बताई गई है और उनके आत्मविश्वास में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।

क्या आप जानते हैं?: गाइनेकोमास्टिया अक्सर हार्मोनल असंतुलन के कारण होता है, लेकिन लिवर की गंभीर बीमारी भी शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर को बढ़ाकर पुरुषों में स्तन ऊतकों के विकास का कारण बन सकती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: ग्रेड 3 गाइनेकोमास्टिया क्या है?
उत्तर: यह गाइनेकोमास्टिया का एक उन्नत चरण है जिसमें स्तन ऊतकों का महत्वपूर्ण विस्तार होता है और त्वचा में अतिरिक्त ढीलापन (excess skin) आ जाता है।

प्रश्न 2: लिवर फेलियर सर्जरी को कैसे प्रभावित करता है?
उत्तर: लिवर रक्त के थक्के जमने वाले कारकों (clotting factors) का उत्पादन करता है। लिवर फेलियर होने पर रक्तस्राव का खतरा बढ़ जाता है, जिससे सर्जरी जटिल हो जाती है।