महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में तीन महीने के विशेष अभियान के दौरान 880 दवा निर्माता और बिक्री प्रतिष्ठानों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में 11.41 करोड़ रुपये की अवैध दवाएं और सौंदर्य प्रसाधन जब्त किए गए हैं, साथ ही सैकड़ों लाइसेंस निलंबित और रद्द किए गए हैं।

  • महाराष्ट्र एफडीए ने तीन महीने के भीतर 880 दवा निर्माण और बिक्री प्रतिष्ठानों पर बड़ी कार्रवाई की है।
  • इस सघन अभियान के दौरान कुल 11.41 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध दवाएं और सौंदर्य प्रसाधन जब्त किए गए हैं।
  • नियमों के उल्लंघन पर 677 लाइसेंस निलंबित और 203 लाइसेंस पूरी तरह से रद्द कर दिए गए हैं।

महाराष्ट्र में सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के कड़े निर्देशों के तहत, विभाग ने जून और अगस्त के बीच एक व्यापक तीन महीने का अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान राज्य भर में कुल 880 दवा निर्माण और बिक्री प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की गई है, जिससे फार्मास्युटिकल क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

इस सघन अभियान के दौरान, एफडीए की टीमों ने पूरे राज्य में कुल 2,902 निरीक्षण किए। इनमें से 607 निरीक्षण दवा निर्माण इकाइयों (मैन्युफैक्चरिंग प्लांट) में और 2,295 निरीक्षण खुदरा व थोक बिक्री केंद्रों पर किए गए। इस दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद 140 निर्माण इकाइयों और 740 बिक्री प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 677 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए और 203 लाइसेंसों को पूरी तरह से रद्द कर दिया।

कार्रवाई और कानूनी शिकंजा

प्रशासन ने केवल लाइसेंस रद्द करने तक ही अपनी कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि आपराधिक तत्वों पर भी शिकंजा कसा है। इस तीन महीने की अवधि में कुल 104 खोज और जब्ती (Search-and-Seizure) अभियान चलाए गए। इन छापों के बाद 20 प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की गईं और अवैध दवाओं व सौंदर्य प्रसाधनों के कारोबार में संलिप्त 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जब्त किए गए स्टॉक की कुल कीमत 11.41 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो पिछले पूरे वित्तीय वर्ष में की गई 13.64 करोड़ रुपये की जब्ती के बेहद करीब है।

Why This Matters

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि महाराष्ट्र भारत के फार्मास्युटिकल विनिर्माण का एक प्रमुख केंद्र है। ऐसे में नकली, घटिया या बिना लाइसेंस वाली दवाओं की बिक्री न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा है, बल्कि यह वैध दवा उद्योग की विश्वसनीयता को भी धूमिल करती है। तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में की गई यह त्वरित और कठोर कार्रवाई यह दर्शाती है कि नियामक अब कागजी कार्रवाई से आगे बढ़कर जमीनी स्तर पर बड़े सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

नागरिकों के लिए सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और विनियमित दवाएं सुनिश्चित करना खाद्य एवं औषधि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमने निर्माण से लेकर अंतिम बिक्री तक हर स्तर पर प्रभावी नियामक निगरानी सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण प्रक्रिया को तेज कर दिया है। जो नियम मानेंगे उन्हें पूरा सहयोग मिलेगा, लेकिन उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। - तुकाराम मुंढे, आयुक्त, महाराष्ट्र एफडीए

गंभीर उल्लंघन आए सामने

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कई चौंकाने वाली खामियां मिलीं। इनमें अमानक और अनधिकृत दवाओं का निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control) प्रक्रियाओं में गंभीर चूक, और पंजीकृत फार्मासिस्टों की अनुपस्थिति में दवाओं की धड़ल्ले से बिक्री शामिल थी। इसके अलावा, कई दुकानों पर बिना बिल के दवाएं बेची जा रही थीं, और डॉक्टर के पर्चे (Prescription) के बिना ही 'शेड्यूल ड्रग्स' ग्राहकों को दी जा रही थीं। सबसे चिंताजनक बात यह थी कि इंसुलिन और टीकों जैसे तापमान-संवेदनशील उत्पादों को गलत तरीके से संग्रहित किया गया था, जिससे उनकी प्रभावशीलता खत्म होने का खतरा था।

मापदंड (Metric)पिछला वित्तीय वर्ष (Previous FY)वर्तमान 3-महीने का अभियान (Current 3-Month Drive)प्रतिशत वृद्धि (Percentage Increase)
प्राप्त शिकायतेंआधारभूत स्तर-557%
जांच की संख्याआधारभूत स्तर-378%
खोज और जब्ती अभियानआधारभूत स्तर-217%
जब्त माल का कुल मूल्य₹13.64 करोड़ (12 महीने)₹11.41 करोड़ (3 महीने)234%

तुकाराम मुंढे अपनी सख्त कार्यशैली और प्रशासनिक सुधारों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने न केवल फार्मा क्षेत्र बल्कि मुंबई और उसके आसपास के होटलों, पबों, भोजनालयों और डेयरी उद्योग पर भी छापा मारा है। दूध और पनीर में मिलावट के खिलाफ उनके हालिया अभियानों ने खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर जनता में एक नया विश्वास पैदा किया है।

क्या आप जानते हैं?: जीवन रक्षक दवा इंसुलिन और अधिकांश टीकों को हमेशा 2°C से 8°C के बीच के नियंत्रित तापमान पर रखा जाना चाहिए। यदि इस तापमान को बनाए नहीं रखा जाता है, तो ये दवाएं पूरी तरह निष्क्रिय और जहरीली भी हो सकती हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: महाराष्ट्र एफडीए ने तीन महीनों में कुल कितनी राशि की अवैध दवाएं जब्त की हैं?
उत्तर: महाराष्ट्र एफडीए ने जून से अगस्त के बीच चलाए गए अपने विशेष अभियान में कुल 11.41 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध दवाएं और सौंदर्य प्रसाधन जब्त किए हैं।

प्रश्न 2: इस कार्रवाई के दौरान कुल कितने लाइसेंस निलंबित और रद्द किए गए?
उत्तर: इस कार्रवाई के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले 677 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और 203 लाइसेंसों को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है।