मशीन लर्निंग का उपयोग करते हुए एक नए अध्ययन ने 15 ऐसे मानसिक स्वास्थ्य संकेतकों की पहचान की है, जो दर्दनाक घटनाओं के बाद दिल के दौरे और स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ाते हैं। इसमें शराब का सेवन और मूड विकार सबसे बड़े जोखिम कारक पाए गए हैं।
- दर्दनाक घटनाएं ऐसे मानसिक विकार पैदा कर सकती हैं जो भविष्य में गंभीर हृदय और मस्तिष्क रोगों (MACCE) का कारण बनते हैं।
- पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए 'अल्कोहल यूज डिसऑर्डर' हृदय जोखिम का सबसे बड़ा मनोवैज्ञानिक संकेतक पाया गया।
- अवसाद सहित मूड विकार, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में हृदय जोखिम के अधिक प्रमुख संकेतक हैं।
Journal of the American Heart Association में प्रकाशित एक व्यापक अध्ययन ने दर्दनाक घटनाओं के बाद होने वाले मानसिक स्वास्थ्य प्रभावों और भविष्य में गंभीर हृदय और मस्तिष्क संबंधी समस्याओं के बीच एक गहरा संबंध उजागर किया है। यह शोध बताता है कि शारीरिक हमले, दुर्घटनाओं या किसी प्रियजन की मृत्यु जैसी घटनाओं से मिलने वाले मानसिक जख्म केवल मन तक सीमित नहीं रहते, बल्कि हृदय और मस्तिष्क को भी शारीरिक नुकसान पहुँचाते हैं।
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया लॉस एंजिल्स (UCLA) में मनोविज्ञान विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर और मुख्य लेखिका जेनिफर ए. समनर का कहना है कि अब तक का अधिकांश शोध केवल PTSD (पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर) पर केंद्रित था, लेकिन अब चिकित्सा जगत को मानसिक स्वास्थ्य के व्यापक दायरे पर विचार करना चाहिए।
शोध का पैमाना और विश्लेषण
इस अध्ययन के लिए डेनमार्क के राष्ट्रीय स्वास्थ्य रजिस्टरों का विश्लेषण किया गया, जिसमें 1995 से 2019 के बीच 2,19,866 वयस्कों पर नज़र रखी गई। इनमें से लगभग 44,000 प्रतिभागियों को गैर-घातक दिल का दौरा, स्ट्रोक या हृदय संबंधी मृत्यु का सामना करना पड़ा। शोधकर्ताओं ने मशीन लर्निंग का उपयोग करके उन 15 सबसे महत्वपूर्ण मानसिक विकारों की पहचान की, जो हृदय और मस्तिष्क के परिणामों की भविष्यवाणी कर सकते हैं।
| संकेतक (Predictor) | पुरुषों पर प्रभाव | महिलाओं पर प्रभाव |
|---|---|---|
| अल्कोहल यूज डिसऑर्डर | उच्चतम जोखिम | उच्चतम जोखिम |
| मूड विकार (अवसाद) | महत्वपूर्ण | अत्यधिक प्रभावी/प्रमुख |
| PTSD / चिंता विकार | मध्यम से उच्च | मध्यम से उच्च |
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह शोध प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी के नजरिए को बदल देता है। यह संकेत देता है कि हृदय जोखिम के मूल्यांकन में मानसिक स्वास्थ्य की जांच को एक मानक प्रक्रिया बनाया जाना चाहिए, विशेष रूप से उन रोगियों के लिए जिनका इतिहास दर्दनाक रहा है। समय रहते इन मनोवैज्ञानिक संकेतों को पहचानकर जानलेवा हृदय रोगों को रोका जा सकता है।
"दर्दनाक घटनाएं मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ हृदय स्वास्थ्य को भी महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करती हैं, जिसके लिए समग्र उपचार की आवश्यकता है।"
अध्ययन में यह भी पाया गया कि लोग अक्सर दुखद अनुभवों से निपटने के लिए शराब का सहारा लेते हैं। समय के साथ, यह व्यवहार शराब के दुरुपयोग में बदल जाता है, जो सीधे तौर पर हृदय स्वास्थ्य को खराब करता है। अन्य जोखिमों में सिज़ोफ्रेनिया, बाइपोलर डिसऑर्डर, व्यक्तित्व विकार और चिंता विकार शामिल थे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: ट्रॉमा के बाद हृदय रोग के लिए सबसे बड़ा मानसिक स्वास्थ्य जोखिम क्या है?
अध्ययन के अनुसार, पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए 'अल्कोहल यूज डिसऑर्डर' सबसे बड़ा जोखिम कारक है।
प्रश्न 2: क्या पुरुषों और महिलाओं में ये जोखिम अलग-अलग होते हैं?
हाँ, जबकि शराब का दुरुपयोग दोनों को प्रभावित करता है, अवसाद जैसे मूड विकार महिलाओं में हृदय जोखिम के अधिक प्रमुख संकेतक पाए गए हैं।