रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) ने विश्व फिजियोथेरेपी दिवस मनाया, जहां हृदय रोग और स्ट्रोक रिकवरी में फिजियोथेरेपी की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की गई और विभाग के विस्तार की योजना साझा की गई।
- RIMS ने विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
- हृदय रोगों (Cardiovascular Diseases) और स्ट्रोक के बाद रिकवरी में फिजियोथेरेपी की प्रभावशीलता पर जोर दिया गया।
- अस्पताल प्रशासन ने फिजियोथेरेपी यूनिट के बुनियादी ढांचे और सेवाओं के विस्तार की आधिकारिक घोषणा की है।
रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) ने हाल ही में विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य देखभाल में फिजियोथेरेपी की अपरिहार्य भूमिका को उजागर करना और मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए आधुनिक पुनर्वास तकनीकों को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात पर विस्तृत चर्चा की कि कैसे फिजियोथेरेपी केवल मांसपेशियों के दर्द तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं जैसे कार्डियोवैस्कुलर डिजीज और स्ट्रोक के बाद मरीजों को वापस सामान्य जीवन में लाने के लिए एक जीवनरक्षक उपकरण है। विशेषज्ञों के अनुसार, सही समय पर शुरू किया गया फिजियोथेरेपी सत्र स्ट्रोक के बाद आने वाली शारीरिक अक्षमताओं को काफी हद तक कम कर सकता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि RIMS द्वारा फिजियोथेरेपी यूनिट के विस्तार का निर्णय क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के एक बड़े बदलाव का संकेत है। अक्सर बड़े अस्पतालों में सर्जरी और दवाइयों पर ध्यान दिया जाता है, लेकिन 'पोस्ट-ऑपरेटिव केयर' और 'रिहैबिलिटेशन' को नजरअंदाज कर दिया जाता है। इस विस्तार से न केवल मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि यह अन्य सरकारी अस्पतालों के लिए भी एक मॉडल बनेगा।
"फिजियोथेरेपी केवल व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर की कार्यक्षमता को पुनः प्राप्त करने का एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण है, जो दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है।"
इस विस्तार योजना के तहत, नए अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद और अधिक विशेषज्ञ फिजियोथेरेपिस्टों की नियुक्ति की जाएगी। इसका लक्ष्य उन मरीजों की संख्या को कम करना है जिन्हें इलाज के लिए बाहरी निजी केंद्रों या अन्य राज्यों के बड़े शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है।
ऐतिहासिक रूप से, फिजियोथेरेपी को अक्सर सहायक चिकित्सा माना जाता था, लेकिन आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने इसे मुख्यधारा के उपचार का हिस्सा बना दिया है। विशेष रूप से बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए, यह चिकित्सा पद्धति दवाओं के दुष्प्रभावों को कम करने और गतिशीलता बढ़ाने में मदद करती है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: स्ट्रोक रिकवरी में फिजियोथेरेपी कैसे मदद करती है?
उत्तर: यह मस्तिष्क और मांसपेशियों के बीच के समन्वय को फिर से स्थापित करने और लकवाग्रस्त अंगों की गतिशीलता को बढ़ाने में मदद करती है।
प्रश्न 2: RIMS के विस्तार से मरीजों को क्या लाभ होगा?
उत्तर: मरीजों को अब उन्नत मशीनें और विशेषज्ञ देखभाल एक ही छत के नीचे मिलेगी, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बचेगा।