देश में स्वाइन फ्लू (H1N1) के बढ़ते मामलों को देखते हुए ICMR ने उत्तरी गोलार्द्ध (Northern Hemisphere) की फ्लू वैक्सीन लगाने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वैक्सीन वर्तमान में फैल रहे वायरस स्ट्रेन से बेहतर मेल खाती है।

  • ICMR ने 2026-27 के लिए उत्तरी गोलार्द्ध (NH) फ्लू वैक्सीन की सिफारिश की है।
  • निगरानी डेटा से पता चला है कि भारत में प्रसारित स्ट्रेन NH वैक्सीन के साथ अधिक मेल खाते हैं।
  • टीकाकरण की दर कम है, जिसका मुख्य कारण 2,000 से 2,500 रुपये की उच्च लागत है।
  • उच्च जोखिम वाले समूह जैसे गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सबसे अधिक संवेदनशील हैं।

भारत के दिल्ली-एनसीआर और कई अन्य हिस्सों में H1N1 (स्वाइन फ्लू) के मामलों में भारी वृद्धि देखी जा रही है। इस स्वास्थ्य संकट के बीच, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किया है। जुलाई 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वर्तमान में प्रसारित हो रहे इन्फ्लुएंजा स्ट्रेन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा अनुशंसित उत्तरी गोलार्द्ध (Northern Hemisphere - NH) फ्लू वैक्सीन के साथ निकटता से मेल खाते हैं।

इन्फ्लुएंजा वायरस लगातार अपना स्वरूप बदलता रहता है, इसलिए WHO हर साल उत्तरी और दक्षिणी गोलार्द्धों के लिए अलग-अलग वैक्सीन संरचना की सिफारिश करता है। ICMR का यह सुझाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सही वैक्सीन का चुनाव संक्रमण की गंभीरता को कम करने में निर्णायक भूमिका निभाता है। हालांकि, रिपोर्ट में यह चिंता भी जताई गई है कि भारत में NH वैक्सीन की उपलब्धता पर्याप्त नहीं हो सकती है।

निगरानी और डेटा विश्लेषण

यह सिफारिश ICMR-वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी नेटवर्क और पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) के सहयोग से किए गए साल भर के सर्वेक्षण पर आधारित है। देश भर के 73 सेंटिनल साइटों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 1 जुलाई 2025 से अब तक 73 इन्फ्लुएंजा वायरस आइसोलेट्स प्राप्त हुए हैं। इनमें से 52 Influenza A(H3N2), 18 Influenza B Victoria और 3 Influenza A(H1N1)pdm09 पाए गए।

इन्फ्लुएंजा वैक्सीन संक्रमण को पूरी तरह नहीं रोकती, लेकिन यह गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को काफी हद तक कम कर देती है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि भारत में फ्लू के प्रति जागरूकता की कमी और वैक्सीन की उच्च लागत एक बड़ी चुनौती है। वर्तमान में दिल्ली के कई अस्पतालों के वार्ड भरे हुए हैं क्योंकि फ्लू का यह सीजन टाइफाइड और डेंगू जैसी अन्य वेक्टर-जनित बीमारियों के साथ मेल खा रहा है। यदि समय रहते टीकाकरण नहीं किया गया, तो स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे पर दबाव और बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, फ्लू वैक्सीन की प्रभावकारिता लगभग 50-60% होती है, लेकिन यह उन लोगों के लिए जीवनरक्षक हो सकती है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है। वर्तमान में, भारत सरकार इसे सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) में शामिल नहीं करती है, जिससे लोग निजी तौर पर इसे खरीदने के लिए मजबूर हैं।

विशेषता उत्तरी गोलार्द्ध (NH) वैक्सीन दक्षिणी गोलार्द्ध (SH) वैक्सीन
वर्तमान प्रभावशीलता भारतीय स्ट्रेन के साथ उच्च मेल मध्यम मेल
ICMR सिफारिश प्राथमिक विकल्प (Ideal) वैकल्पिक (यदि NH उपलब्ध न हो)
क्या आप जानते हैं?: इन्फ्लुएंजा वायरस हर साल अपना जेनेटिक कोड बदलता है, यही कारण है कि हमें हर साल एक नए अपडेटेड फ्लू शॉट की आवश्यकता होती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या मुझे हर साल फ्लू शॉट लेना चाहिए?
हाँ, विशेष रूप से यदि आप उच्च जोखिम वाले समूह (बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती महिलाएं) में आते हैं, क्योंकि वायरस हर साल बदलता है।

प्रश्न 2: यदि NH वैक्सीन उपलब्ध नहीं है तो क्या करें?
ICMR के अनुसार, यदि उत्तरी गोलार्द्ध की वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, तो दक्षिणी गोलार्द्ध (SH) की वैक्सीन का उपयोग किया जा सकता है।