आंध्र प्रदेश सरकार बच्चों में गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) से लड़ने के लिए 21 नए पोषण पुनर्वास केंद्र स्थापित करने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव के अनुसार, इससे राज्य की बेड क्षमता में 175 बिस्तरों की वृद्धि होगी।

  • आंध्र प्रदेश में 21 नए पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) स्थापित किए जाएंगे।
  • मौजूदा 340 बिस्तरों की क्षमता में 175 नए बिस्तर जोड़े जाएंगे।
  • इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) से पीड़ित बच्चों का इलाज करना है।
  • आदिवासी क्षेत्रों और पिछड़े जिलों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य के बच्चों में कुपोषण की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए एक व्यापक स्वास्थ्य पहल शुरू की है। स्वास्थ्य, चिकित्सा और परिवार कल्याण मंत्री सत्य कुमार यादव ने घोषणा की है कि राज्य भर में 21 नए पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) स्थापित किए जाएंगे। ये केंद्र चरणों में संचालित किए जाएंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच दूरदराज के गांवों तक सुनिश्चित हो सके।

इन नए केंद्रों का विस्तार विशेष रूप से उन जिलों में किया जा रहा है जहां कुपोषण की दर अधिक है। इनमें अल्लूरी सीताराम राजू, अनाकापल्ली, बापटला, नंद्याल, पोलावरम, कृष्णा, पार्वतीपुरम Manyam, चित्तूर, पूर्वी और पश्चिमी गोदावरी, अन्नामय्या और पलनाडु जिले शामिल हैं। कुछ केंद्रों में 10 बिस्तरों की सुविधा होगी, जबकि कुछ छोटे केंद्रों में 5 बिस्तर उपलब्ध कराए जाएंगे।

कुपोषण के आंकड़े और प्रभाव

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती होने वाले बच्चों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। वर्ष 2024-25 में 5,961 बच्चे भर्ती हुए थे, जबकि 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 6,195 हो गई। चालू वर्ष (अप्रैल से अगस्त) में अब तक 2,492 बच्चों ने इन केंद्रों में उपचार लिया है, जिनमें से अधिकांश पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं।

"गंभीर तीव्र कुपोषण केवल भोजन की कमी नहीं, बल्कि स्वास्थ्य प्रणाली की विफलता का संकेत है; इन केंद्रों का विस्तार जीवन रक्षक साबित होगा।"

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह कदम केवल बुनियादी ढांचे का विस्तार नहीं है, बल्कि यह मानव विकास सूचकांक (HDI) को सुधारने की एक रणनीतिक कोशिश है। विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में 'इंटीग्रेटेड NRC' की स्थापना यह दर्शाती है कि सरकार भौगोलिक बाधाओं को दूर कर स्वास्थ्य सेवाओं को लोकतांत्रिक बना रही है। यदि शुरुआती बचपन में कुपोषण को नहीं रोका गया, तो यह बच्चों के संज्ञानात्मक विकास (cognitive development) को स्थायी रूप से प्रभावित कर सकता है।

आदिवासी क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से पोलावरम और पार्वतीपुरम Manyam जिलों में सात एकीकृत NRC स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए छह और केंद्रों की मंजूरी दी गई है, जो मदनपल्ले, चित्तूर, राजमहेंद्रवरम, मछलीपट्टनम, हिंदूपुर और तनुकु जैसे शहरों में स्थित होंगे।

विवरण वर्तमान स्थिति प्रस्तावित विस्तार
कुल केंद्रों की संख्या 21 42 (कुल मिलाकर)
कुल बेड क्षमता 340 515
मुख्य लक्ष्य SAM उपचार SAM उपचार एवं आदिवासी कवरेज
क्या आप जानते हैं?: गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) में बच्चे का वजन उसकी लंबाई के अनुपात में बहुत कम हो जाता है, जिससे उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली पूरी तरह ध्वस्त हो जाती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) क्या होते हैं?
उत्तर: ये विशेष स्वास्थ्य केंद्र होते हैं जहां गंभीर कुपोषण से पीड़ित बच्चों को भर्ती किया जाता है और उन्हें चिकित्सीय देखभाल और विशेष पोषण आहार प्रदान किया जाता है।

प्रश्न 2: नए केंद्रों का लाभ किन जिलों को मिलेगा?
उत्तर: इसका लाभ मुख्य रूप से ऑलुरी सीताराम राजू, पोलावरम, पार्वतीपुरम Manyam और अन्य 10 से अधिक जिलों को मिलेगा।