भारत के शीर्ष ड्रग रेगुलेटर CDSCO ने गाजियाबाद स्थित बायो मेड कंपनी द्वारा निर्मित 'श्योर रब' वैक्सीन के कई बैच गुणवत्ता परीक्षण में फेल होने के बाद उत्पादन रोकने का आदेश दिया है।

  • CDSCO ने बायो मेड को मानव उपयोग के लिए एंटी-रेबीज वैक्सीन बनाने से प्रतिबंधित किया।
  • 'श्योर रब' वैक्सीन के कई बैच बैक्टीरियल एंडोटॉक्सिन टेस्ट (BET) में फेल पाए गए।
  • बायो मेड को 2018 में पोलियो वैक्सीन विवाद के कारण ब्लैकलिस्ट किया गया था।
  • भारत में सालाना 5,700 से अधिक रेबीज मौतें होती हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक है।

देश के शीर्ष औषधि नियामक, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने गाजियाबाद स्थित बायोफार्मास्युटिकल कंपनी बायो मेड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। कंपनी को मानव उपयोग के लिए एंटी-रेबीज वैक्सीन के उत्पादन को तुरंत रोकने का निर्देश दिया गया है, क्योंकि हाल के महीनों में इसकी वैक्सीन के कई बैच 'सब-स्टैंडर्ड' (मानक से कम) पाए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, कंपनी की वैक्सीन 'श्योर रब' (Sure Rab) के कम से कम तीन बैच बैक्टीरियल एंडोटॉक्सिन टेस्ट (BET) में विफल रहे। यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण गुणवत्ता-नियंत्रण प्रक्रिया है जिसका उपयोग इंजेक्शन योग्य टीकों में बुखार पैदा करने वाले बैक्टीरियल टॉक्सिन का पता लगाने के लिए किया जाता है। यदि ये टॉक्सिन शरीर में प्रवेश करते हैं, तो मरीज को गंभीर बुखार और अन्य जटिलताएं हो सकती हैं।

CDSCO के तहत केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला (CDL), कसौली द्वारा जारी परिणामों के अनुसार, बैच संख्या R030126 और R011125 गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके अलावा, एक बैच बोवाइन सीरम एल्ब्यूमिन (गाय के रक्त में पाया जाने वाला प्रोटीन) के निर्धारित मानकों में भी विफल रहा, जिसका उपयोग वैक्सीन को स्थिर करने के लिए किया जाता है।

यह मामला क्यों गंभीर है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, भारत जैसे देश में जहाँ रेबीज का बोझ दुनिया में सबसे अधिक है, टीकों की गुणवत्ता से समझौता करना जानलेवा हो सकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने संसद में बताया कि भारत में सालाना लगभग 58 लाख पशु काटने के मामले सामने आते हैं, जिनमें 47 लाख कुत्ते के काटने के मामले हैं। ऐसे में एक भी घटिया वैक्सीन का उपयोग मरीज की जान जोखिम में डाल सकता है।

"सब-स्टैंडर्ड दवाओं को कभी हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए, लेकिन एक वैक्सीन की विफलता सार्वजनिक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से कहीं अधिक गंभीर परिणाम दे सकती है।"

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: विवादों से पुराना नाता

बायो मेड का ट्रैक रिकॉर्ड पहले भी खराब रहा है। 2018 में, कंपनी को पोलियो वैक्सीन की आपूर्ति करने से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था। यह कार्रवाई ओरल पोलियो वैक्सीन (OPV) में टाइप-2 पोलियोवायरस संदूषण के एक बड़े विवाद के बाद की गई थी, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन था।

पैरामीटर आवश्यकता बायो मेड 'श्योर रब' परिणाम
बैक्टीरियल एंडोटॉक्सिन टेस्ट (BET) मानकों के भीतर विफल (NSQ)
बोवाइन सीरम एल्ब्यूमिन न्यूनतम मात्रा विफल (कुछ बैच)
नियामक स्थिति प्रमाणित उत्पादन बंद
क्या आप जानते हैं?: रेबीज दुनिया की उन चुनिंदा बीमारियों में से एक है जो लक्षण दिखने के बाद लगभग 100% घातक होती है, इसलिए सही समय पर गुणवत्तापूर्ण वैक्सीन ही एकमात्र बचाव है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: बैक्टीरियल एंडोटॉक्सिन टेस्ट (BET) क्या है?
यह एक परीक्षण है जो यह सुनिश्चित करता है कि इंजेक्शन में ऐसे जहरीले तत्व न हों जो शरीर में जाने के बाद तेज बुखार या गंभीर प्रतिक्रिया पैदा करें।

प्रश्न 2: क्या भारत में अन्य रेबीज वैक्सीन उपलब्ध हैं?
हाँ, भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, भारत बायोटेक और इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड जैसे अन्य प्रमुख निर्माता हैं।