पीजीआईएमईआर ने वैश्विक सेप्सिस संकट से निपटने के लिए एक उच्च स्तरीय संगोष्ठी आयोजित की, जिसमें शुरुआती पहचान और अस्पताल से छुट्टी के बाद मरीजों की निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

  • PGIMER ने सेप्सिस जागरूकता और नैदानिक प्रबंधन पर एक संगोष्ठी आयोजित की।
  • रिपोर्ट्स के अनुसार, दुनिया भर में हर तीन सेकंड में एक व्यक्ति की मृत्यु सेप्सिस से होती है।
  • विशेषज्ञों ने अस्पताल से छुट्टी के बाद सेप्सिस रोगियों की देखभाल में गंभीर कमी को उजागर किया।

पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) ने दुनिया की सबसे घातक चिकित्सा स्थितियों में से एक, सेप्सिस के खिलाफ लड़ाई में एक निर्णायक कदम उठाया है। संस्थान ने सेप्सिस जागरूकता पर एक व्यापक संगोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें प्रमुख चिकित्सा पेशेवरों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं ने मृत्यु दर को कम करने के लिए आवश्यक प्रणालीगत सुधारों पर चर्चा की।

सेप्सिस, संक्रमण के प्रति एक जीवन-धमकाने वाली प्रतिक्रिया है जो शरीर में एक प्रणालीगत सूजन (inflammatory response) पैदा करती है। यह एक वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल बना हुआ है। हालिया चिकित्सा चेतावनियों के अनुसार, इस संकट का पैमाना चौंकाने वाला है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर हर तीन सेकंड में एक व्यक्ति की मृत्यु सेप्सिस से हो रही है

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि PGIMER की यह पहल केवल एक शैक्षणिक अभ्यास नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवा श्रृंखला में एक गंभीर विफलता का जवाब है। जबकि अस्पतालों में तीव्र देखभाल (acute care) में सुधार हुआ है, लेकिन मरीज के डिस्चार्ज होने के बाद एक बड़ा 'ब्लाइंड स्पॉट' रह जाता है। LDI फेलो के आंकड़ों से पता चलता है कि कई सेप्सिस सर्वाइवर्स 'पोस्ट-सेप्सिस सिंड्रोम' (PSS) से जूझते हैं, लेकिन उचित फॉलो-अप के अभाव में वे सिस्टम में खो जाते हैं।

सेप्सिस की जल्द पहचान ही मृत्यु दर को कम करने का एकमात्र तरीका है; एंटीबायोटिक उपचार में एक घंटे की देरी भी मृत्यु के जोखिम को काफी बढ़ा देती है।

संगोष्ठी में 'संकट से पहले सेप्सिस को पकड़ने' (Catching Sepsis Before Crisis) के महत्व पर जोर दिया गया। इसमें आपातकालीन विभागों में सख्त स्क्रीनिंग प्रोटोकॉल लागू करना और प्राथमिक चिकित्सा डॉक्टरों को संक्रमण के सूक्ष्म संकेतों को पहचानने के लिए प्रशिक्षित करना शामिल है।

ऐतिहासिक रूप से, सेप्सिस को केवल सर्जरी या गंभीर चोट की जटिलता के रूप में देखा जाता था। हालांकि, आधुनिक चिकित्सा अब इसे एक जटिल जैविक प्रक्रिया के रूप में पहचानती है जो किसी को भी प्रभावित कर सकती है, चाहे उसकी उम्र या पिछला स्वास्थ्य स्तर कुछ भी हो।

चरणसामान्य लक्षणगंभीरता स्तर
शुरुआती संक्रमणबुखार, तेज हृदय गतिमध्यम
सेप्सिसभ्रम, अत्यधिक दर्द, निम्न बीपीगंभीर
सेप्टिक शॉकअंग विफलता, बेहोशीतत्काल जीवन खतरा
क्या आप जानते हैं?: सेप्सिस किसी भी प्रकार के संक्रमण से शुरू हो सकता है, जिसमें सामान्य मूत्र पथ संक्रमण (UTI) या निमोनिया भी शामिल है, जो इसे बुजुर्गों के लिए एक 'साइलेंट किलर' बनाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: सेप्सिस से बचने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक क्या है?
उत्तर: पहचान के पहले 'गोल्डन ऑवर' के भीतर अंतःशिरा तरल पदार्थ (IV fluids) और लक्षित एंटीबायोटिक दवाओं का तेजी से प्रशासन।

प्रश्न 2: डिस्चार्ज के बाद की देखभाल इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?
उत्तर: क्योंकि सेप्सिस किडनी, हृदय और मस्तिष्क को दीर्घकालिक नुकसान पहुँचा सकता है, जिसके लिए स्थायी विकलांगता को रोकने के लिए विशेष पुनर्वास की आवश्यकता होती है।