भारत के स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि एक लचीली स्वास्थ्य प्रणाली दो मुख्य आयामों को शामिल करती है—गंभीर रोगियों की जान बचाने की क्षमता और रोगों की शुरुआती पहचान व प्रतिक्रिया। उन्होंने आंध्र प्रदेश में 10 क्रिटिकल केयर ब्लॉक्स और 12 इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेटरी का उद्घाटन किया।
- आंध्र प्रदेश में 10 क्रिटिकल केयर ब्लॉक्स (CCBs) और 12 इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेटरी (IPHLs) का उद्घाटन।
- प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा मिशन (PM‑ABHIM) के तहत कुल निवेश ₹1,271.80 करोड़।
- लचीलापन वाली प्रणाली से गंभीर रोगियों की देखभाल और रोग प्रकोप की शीघ्र पहचान संभव होगी।
विजयवाड़ा में 12 सितंबर को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने आंध्र प्रदेश में 10 क्रिटिकल केयर ब्लॉक्स (CCBs) और 12 इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेटरी (IPHLs) का आधिकारिक उद्घाटन किया। यह कदम राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों और स्वास्थ्य‑सुरक्षा ढाँचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना गया।
नड्डा ने कहा कि एक लचीली स्वास्थ्य प्रणाली केवल बिस्तरों की संख्या बढ़ाने से नहीं, बल्कि इसमें उच्च स्तरीय इंटेंसिव केयर, ऑक्सीजन एवं मेडिकल‑गैस सिस्टम, अलग‑अलग आइसोलेशन सुविधा, प्रशिक्षित स्टाफ, प्रयोगशाला क्षमता और रोग प्रकोप की शुरुआती पहचान की क्षमता शामिल होनी चाहिए, जबकि सामान्य स्वास्थ्य सेवाएँ निरंतर चलती रहें।
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा मिशन (PM‑ABHIM) के तहत केंद्र ने राज्य के लिए 24 CCBs और 26 IPHLs के लिए कुल लगभग ₹606 करोड़ का बजट मंजूर किया। इन सुविधाओं के निर्माण में कुल ₹1,271.80 करोड़ चार प्रमुख घटकों—CCBs, IPHLs, शहरी एवं ग्रामीण आयुष्मान आरोग्य मंदिर—के लिए आवंटित किए गए हैं।
नवीनतम CCBs में 500 इंटेंसिव‑केयर बिस्तर, उन्नत ऑपरेशन थिएटर, अल्ट्रासाउंड और कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी तथा न्यूरोसर्जरी जैसे विशिष्ट विभाग शामिल हैं। ये ब्लॉक्स विभिन्न जिलों के सरकारी अस्पतालों में स्थापित किए गए हैं, जैसे कि केजीएम कड़ापा, एसीएसआर केजीएम नेल्लोर, केजीएम श्रीकाकुलम, एएमसी विशाखापट्टनम आदि।
इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेटरी (IPHLs) का लक्ष्य रोगजनकों की शीघ्र पहचान, रोग निगरानी और परीक्षण क्षमता को बढ़ाना है। इन लैबोरेटरीज़ को एरिया अस्पताल सीथम्पेटा, गुंटाकाल, पालामनर, अगनम्पुडी आदि में स्थापित किया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर ही विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण संभव हो गया है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that strengthening critical‑care infrastructure and laboratory networks in a high‑population state like Andhra Pradesh not only improves pandemic preparedness but also reduces mortality from non‑communicable diseases by ensuring timely interventions.
"इंटेंसिव केयर बिस्तरों और उन्नत प्रयोगशालाओं का संयोजन ही भविष्य की स्वास्थ्य सुरक्षा की कुंजी है," कहा महामारी विशेषज्ञ डॉ. अनीता राव ने।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: इन CCBs और IPHLs से सामान्य नागरिकों को क्या लाभ होगा?
**उत्तर:** रोगों की शीघ्र पहचान, गंभीर रोगियों के लिए उच्च‑स्तरीय उपचार और स्थानीय स्तर पर परीक्षण सुविधाओं के कारण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और गुणवत्ता में सुधार होगा।
प्रश्न 2: इन परियोजनाओं के लिए फंडिंग कैसे सुनिश्चित की गई?
**उत्तर:** केंद्र सरकार ने PM‑ABHIM के तहत कुल ₹1,271.80 करोड़ का आवंटन किया, जिसमें राज्य सरकार की साझेदारी और विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों की सहायता शामिल है।