अभिनेत्री सौम्या टंडन ने अपने मेटाबॉलिक स्वास्थ्य के लिए एक विशेष 3-सामग्री वाले पेय का खुलासा किया है। विशेषज्ञ बताते हैं कि घी, हल्दी और काली मिर्च का यह संयोजन शरीर के लिए कैसे क्रांतिकारी हो सकता है।
- सौम्या टंडन घी, हल्दी और काली मिर्च का मिश्रण सुबह लेती हैं।
- काली मिर्च हल्दी के 'करक्यूमिन' अवशोषण को 2000% तक बढ़ा सकती है।
- घी में मौजूद ब्यूटिरिक एसिड आंतों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।
- पित्त की पथरी या रक्त पतला करने वाली दवाओं के सेवन वाले लोग सावधानी बरतें।
प्रसिद्ध अभिनेत्री सौम्या टंडन, जिन्होंने 'धुरंधर' में अपनी शानदार भूमिका से सबका दिल जीत लिया, ने हाल ही में अपनी फिटनेस और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए एक सरल लेकिन प्रभावी घरेलू नुस्खे का खुलासा किया है। इंस्टाग्राम पर साझा की गई एक रील में, टंडन ने बताया कि वे अपने दिन की शुरुआत एक चम्मच घी, एक चुटकी हल्दी और काली मिर्च के पाउडर के साथ करती हैं।
सौम्या का मानना है कि फिटनेस के लिए डाइटिंग से ज्यादा अच्छी आदतें मायने रखती हैं। उनकी दिनचर्या में केवल यह पेय ही नहीं, बल्कि अदरक वाला गुनगुना पानी, चीनी का पूर्ण त्याग, प्रोटीन युक्त आहार और रात का खाना शाम 7 बजे से पहले खाना भी शामिल है।
क्यों यह मिश्रण महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक ट्रेंड नहीं है, बल्कि इसके पीछे ठोस विज्ञान है। डाइटिशियन कनिष्क मल्होत्रा के अनुसार, हल्दी का सक्रिय तत्व करक्यूमिन शरीर में बहुत कम मात्रा में अवशोषित होता है। हालांकि, जब इसे काली मिर्च के पाइपरिन के साथ मिलाया जाता है, तो यह अवशोषण को 2000% तक बढ़ा सकता है।
घी का फैट करक्यूमिन को घुलने में मदद करता है, जिससे यह शरीर के लिए अधिक बायोएवेलेबल हो जाता है।
घी में ब्यूटिरिक एसिड होता है, जो कोलन कोशिकाओं को पोषण देता है और आंतों की परत को मजबूत करता है। यह त्रिमूर्ति (Ghee, Turmeric, Pepper) न केवल पाचन में मदद करती है, बल्कि शरीर की सूजन को कम करने में भी सहायक हो सकती है।
सावधानियां और सही तरीका
विशेषज्ञों का सुझाव है कि इसे खाली पेट लेने के बजाय भोजन के साथ लेना बेहतर हो सकता है ताकि पेट में जलन न हो। विशेष रूप से उन लोगों को सावधान रहना चाहिए जिन्हें पित्त की थैली (Gallbladder) की बीमारी है या जो रक्त पतला करने वाली दवाएं ले रहे हैं, क्योंकि हल्दी में हल्के एंटीकोआगुलेंट गुण होते हैं।
Frequently Asked Questions
1. क्या इसे खाली पेट लेना अनिवार्य है?
नहीं, इसे भोजन के साथ लेना अधिक सुरक्षित और प्रभावी हो सकता है ताकि गैस्ट्रिक जलन से बचा जा सके।
2. क्या यह मधुमेह के रोगियों के लिए सुरक्षित है?
काली मिर्च कुछ दवाओं के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकती है, इसलिए मधुमेह के रोगियों को अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।