इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की केरल शाखा ने कन्वर्जन थेरेपी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए इसे अवैज्ञानिक और अनैतिक करार दिया है। संस्था ने स्पष्ट किया कि यौन अभिविन्यास और लैंगिक विविधता कोई बीमारी नहीं है जिसका इलाज किया जाए।
- IMA केरल ने कन्वर्जन थेरेपी को अवैज्ञानिक और चिकित्सा नैतिकता के विरुद्ध बताया।
- संस्था ने स्पष्ट किया कि LGBTQIA+ पहचान कोई बीमारी नहीं है।
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्य वैश्विक निकायों ने भी इस पद्धति को खारिज किया है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की केरल शाखा ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए 'कन्वर्जन थेरेपी' नामक प्रथा का पुरजोर विरोध किया है। तिरुवनंतपुरम में जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि किसी व्यक्ति के यौन अभिविन्यास, लैंगिक पहचान या लैंगिक अभिव्यक्ति को बदलने या दबाने के प्रयासों का कोई वैज्ञानिक या चिकित्सा आधार नहीं है।
IMA ने चेतावनी दी है कि इस तरह के प्रयास साक्ष्य-आधारित चिकित्सा (evidence-based medicine), चिकित्सा नैतिकता, मानवीय गरिमा और चिकित्सा के मूलभूत सिद्धांत "कोई नुकसान न पहुँचाएँ" (do no harm) के सीधे खिलाफ हैं। संस्था ने जोर देकर कहा कि यौन अभिविन्यास और लैंगिक विविधता कोई ऐसी स्थिति नहीं है जिसे ठीक करने की आवश्यकता हो।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह निर्णय केरल में वर्षों से चल रहे विवादों और कानूनी लड़ाइयों के बीच आया है। 2023 में एक अध्ययन में पाया गया था कि केरल में LGBTQIA+ समुदाय के लगभग 45.4% लोगों को जबरन कन्वर्जन थेरेपी के माध्यम से गुजरना पड़ा, जिससे उन्हें गहरा मनोवैज्ञानिक तनाव हुआ।
कन्वर्जन थेरेपी न केवल अवैज्ञानिक है, बल्कि यह व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक भी है।
इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई भी काफी सक्रिय रही है। 2021 में, LGBTQIA+ संगठन 'क्वीराला' (Queerala) ने केरल उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें कम से कम 20 चिकित्सा पेशेवरों पर कन्वर्जन थेरेपी प्रदान करने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद, उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को इस तरह की जबरन प्रथाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने और विशेषज्ञ समितियों की मदद से दिशानिर्देश तैयार करने का निर्देश दिया था।
ऐतिहासिक संदर्भ
कन्वर्जन थेरेपी का इतिहास विवादास्पद रहा है। विश्व चिकित्सा संघ (WMA), विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिकन साइकियाट्रिक एसोसिएशन जैसे प्रमुख वैश्विक निकायों ने पहले ही इस पद्धति को खारिज कर दिया है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने भी स्पष्ट किया है कि विविध यौन अभिविन्यास वाले लोगों के साथ कन्वर्जन थेरेपी करना चिकित्सा शिक्षा के भीतर अनैतिक है।
Frequently Asked Questions
1. कन्वर्जन थेरेपी क्या है?
यह एक ऐसी विवादास्पद पद्धति है जिसका उद्देश्य किसी व्यक्ति के यौन अभिविन्यास या लैंगिक पहचान को बदलने का प्रयास करना है।
2. IMA केरल ने क्या सुझाव दिया है?
IMA ने स्वास्थ्य पेशेवरों को LGBTQIA+ व्यक्तियों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करने और उन्हें पहचान बदलने के लिए मजबूर करने के बजाय मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने का सुझाव दिया है।