कोयंबटूर के जीकेएनएम अस्पताल में लिंडे फाउंडेशन के सहयोग से एक तीन वर्षीय बच्चे ने दुर्लभ और घातक APML ल्यूकेमिया को मात दी है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के लिए यह कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) एक संजीवनी साबित हुआ।

  • तीन वर्षीय बच्चे को दुर्लभ 'एक्यूट प्रोमायलोसाइटिक ल्यूकेमिया' (APML) का निदान हुआ।
  • लिंडे फाउंडेशन के सीएसआर (CSR) सहयोग से जीकेएनएम अस्पताल में सफल उपचार।
  • जटिल न्यूरोलॉजिकल सर्जरी और कीमोथेरेपी के बाद बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ है।

कोयंबटूर के जी. कुप्पुस्वामी नायडू मेमोरियल (GKNM) अस्पताल में एक चिकित्सा चमत्कार देखने को मिला है। पोलाची के एक तीन वर्षीय मासूम को एक्यूट प्रोमायलोसाइटिक ल्यूकेमिया (APML) नामक अत्यंत दुर्लभ और आक्रामक रक्त कैंसर का पता चला था। इस बच्चे की स्थिति इतनी गंभीर थी कि उसे वेंटिलेटर पर रखना पड़ा, लेकिन लिंडे फाउंडेशन के वित्तीय सहयोग से उसकी जान बचा ली गई।

APML एक अत्यंत दुर्लभ प्रकार का रक्त कैंसर है, जो बच्चों में होने वाले कुल रक्त कैंसर के मामलों के 1% से भी कम है। जब बच्चे को अस्पताल लाया गया, तो उसे तेज बुखार और मानसिक भ्रम की स्थिति थी। जांच में पता चला कि मस्तिष्क में रक्तस्राव और दौरे पड़ने जैसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल जटिलताएं भी थीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों को तत्काल 'डीकंप्रेसिव क्रैनिएक्टोमी' नामक जटिल सर्जरी करनी पड़ी।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि इस तरह के मामले यह दर्शाते हैं कि कैसे कॉर्पोरेट जगत का सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) स्वास्थ्य सेवा के अंतराल को भरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जब परिवार आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होते, तब संस्थागत सहायता ही जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर बनती है।

उपचार के दौरान बच्चे को गंभीर फंगल संक्रमण का भी सामना करना पड़ा, लेकिन बहु-विषयक चिकित्सा टीम (multidisciplinary team) के निरंतर प्रयासों से वह धीरे-धीरे स्थिर होने लगा। सर्जरी के बाद बच्चे की खोपड़ी को फिर से जोड़ने के लिए 'क्रैनियोप्लास्टी' की गई। वर्तमान में, वह बच्चा न केवल चलने में सक्षम है, बल्कि उसकी बोलने की क्षमता भी सामान्य हो गई है।

"सच्ची प्रगति केवल व्यावसायिक सफलता से नहीं, बल्कि समाज पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव से मापी जाती है," - माइकल डेविन, चेयरमैन, लिंडे इंडिया।

बच्चे के पिता की मासिक आय मात्र ₹10,000 थी, जिससे इतने महंगे और जटिल उपचार का खर्च उठाना असंभव था। जीकेएनएम अस्पताल की बाल हेमेटोलॉजी ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ अजेथा एल. ने बताया कि यह मामला चिकित्सा विज्ञान के लिए एक बड़ी चुनौती था क्योंकि टीम को एक साथ कैंसर और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का प्रबंधन करना था।

Frequently Asked Questions

1. APML क्या है?
APML (Acute Promyelocytic Leukaemia) रक्त कैंसर का एक अत्यंत आक्रामक और दुर्लभ प्रकार है जो तेजी से फैलता है।

2. इस उपचार में किसकी भूमिका महत्वपूर्ण थी?
लिंडे फाउंडेशन के सीएसआर फंड ने इस महंगे उपचार को संभव बनाने में मुख्य भूमिका निभाई।

Did You Know?: APML बच्चों में होने वाले रक्त कैंसर के कुल मामलों का 1% से भी कम हिस्सा है, जो इसे बेहद दुर्लभ बनाता है।