राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड ने पुष्टि की कि टेस्ला चालक ने 100% एक्सेलेरेटर दबाकर घर में टकराया, जिससे 76 वर्षीय मार्था अविला की मौत हुई। यह जानकारी टेस्ला की प्रारंभिक रिपोर्ट के साथ मिलती है, जिसमें कंपनी ने बताया था कि फुल सेल्फ‑ड्राइविंग प्रणाली दोषी नहीं थी।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- ड्राइवर ने 100% एक्सेलेरेटर दबाया, FSD (सुपरवाइज़्ड) को ओवरराइड किया
- गाड़ी 70 मील/घंटा से अधिक गति से घर में टकराई
- विक्रमित चालक पर हत्या का आरोप, परिवार ने टेस्ला पर मुकदमा दायर किया
राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB) ने बुधवार को जारी किए गए प्रारंभिक रिपोर्ट में पुष्टि की कि जून में टेक्सास के किटी शहर में टेस्ला वाहन को नियंत्रित करने वाले 44 वर्षीय माइकल बटर ने एक्सेलेरेटर को 100% तक दबा दिया था, जिससे वह कंपनी के फुल सेल्फ‑ड्राइविंग (सुपरवाइज़्ड) सॉफ़्टवेयर को बायपास कर गया। डेटा से पता चला कि गाड़ी 70 मील प्रति घंटे से अधिक गति पर चल रही थी, जब वह एक आवासीय घर से टकराई, जिससे 76 वर्षीय मार्था अविला की मृत्यु हो गई।
पृष्ठभूमि और तकनीकी संदर्भ
टेस्ला का फुल सेल्फ‑ड्राइविंग (FSD) फीचर, जिसे कंपनी “सुपरवाइज़्ड” मोड में उपयोग करने की शर्त रखती है, ड्राइवर को हमेशा सड़क पर ध्यान देने और किसी भी क्षण नियंत्रण लेने की आवश्यकता होती है। इस घटना से पहले भी कई देशों में FSD के कारण या उससे जुड़े दुर्घटनाओं की जांच हुई है, लेकिन इस बार NTSB ने स्पष्ट रूप से बताया है कि चालक ने सिस्टम को स्वेच्छा से ओवरराइड कर दिया।
कानूनी पहलू और आगे की जांच
परिवार ने बटर और टेस्ला के खिलाफ लापरवाही का दावा करते हुए मुकदमा दायर किया है। साथ ही बटर पर हत्या का आरोप भी लगा दिया गया है। राष्ट्रीय हाईवे ट्रैफ़िक सुरक्षा प्रशासन (NHTSA) भी इस दुर्घटना की स्वतंत्र जांच कर रहा है, जिससे संभावित नियामक सुधार या सॉफ़्टवेयर अपडेट की संभावना बन सकती है।
घटना का व्यापक प्रभाव
टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने दुर्घटना के बाद X (पूर्व ट्विटर) पर लिखते हुए कहा, “यह दावा बेतुका है; FSD धीमी गति से पड़ोस की सड़कों पर चलता है, जबकि यह हाई‑स्पीड टक्कर थी।” यह बयान कंपनी की सार्वजनिक छवि को बचाने के साथ-साथ नियामक दबाव को भी कम करने की कोशिश दिखाता है। यदि आगे की जांच में यह साबित होता है कि चालक ने इरादतन गति बढ़ाई, तो टेस्ला को अपने FSD के उपयोग नियमों को कड़ा करने की आवश्यकता होगी।
सुरक्षा की नई दिशा
घटना के बाद, कई सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा है कि ऑटोमेटेड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम के उपयोग में कठोर मानक और रीयल‑टाइम मॉनिटरिंग आवश्यक है। विशेषकर तेज़ी से विकसित हो रही इलेक्ट्रिक वाहनों की बाजार में, नियामक एजेंसियों को तकनीकी प्रगति के साथ तालमेल बिठाकर नई नीतियों को लागू करना चाहिए।