न्यूयॉर्क टाइम्स ने न्याय विभाग द्वारा पत्रकारों को भेजी गई सबपॉइना को खारिज करने की याचिका दायर की, जिससे प्रेस स्वतंत्रता और सरकार की रिपोर्टरों से स्रोत खुलवाने की शक्ति पर बड़ा मुकदमा तय हो रहा है। यह कदम अमेरिकी मीडिया के सामने बढ़ती निगरानी की लहर को उजागर करता है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- न्यूयॉर्क टाइम्स ने एअर फोर्स वन सुरक्षा रिपोर्ट पर जारी सबपॉइना को रद्द करने की याचिका दायर की।
- जस्टिस डिपार्टमेंट का दावा है कि पत्रकार लक्ष्य नहीं, बल्कि लीक करने वाले हैं।
- इस मामले से प्रेस स्वतंत्रता और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन पर नई कानूनी बहस उत्पन्न होगी।
वॉशिंगटन – 16 जुलाई, 2026 को न्यूयॉर्क टाइम्स ने दक्षिणी जिला, न्यूयॉर्क के फेडरल कोर्ट में एक गुप्त याचिका दायर की, जिसमें पत्रकारों को एअर फोर्स वन की सुरक्षा संबंधी रिपोर्ट पर जारी सबपॉइना को रद्द करने की मांग की गई है। यह याचिका उस समय आई जब न्याय विभाग ने तीन पत्रकारों को ग्रैंड जूरी के समक्ष गवाही देने के लिए नोटिस भेजा था।
पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति
न्यूयॉर्क टाइम्स ने कतर के उपहार में मिले नए एअर फोर्स वन की सुरक्षा में संभावित खामियों की रिपोर्ट की थी, जिसमें बताया गया था कि पुराने विमान में मौजूद उन्नत एंटी‑मिसाइल प्रणाली नई विमान में नहीं है। इस रिपोर्ट के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर इन आरोपों को खारिज किया, जबकि जस्टिस डिपार्टमेंट ने कहा कि ये सबपॉइना पत्रकारों को नहीं, बल्कि वर्गीकृत जानकारी लीक करने वालों को टारगेट कर रहे हैं।
कानूनी और संवैधानिक पहलू
टाइम्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डेविड मैक्रॉ ने कहा, “इन सबपॉइना का उद्देश्य हमारे समाचार कवरेज को दमन करना है, जो संविधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।” अमेरिकी संविधान प्रथम संशोधन के तहत प्रेस की स्वतंत्रता को संरक्षित करने का अधिकार है, और इस याचिका का उद्देश्य यह साबित करना है कि सरकार पत्रकारों को उनके स्रोतों से जुड़ने के लिए मजबूर नहीं कर सकती।
ऐतिहासिक संदर्भ
पिछले वर्षों में न्याय विभाग ने कई मौकों पर पत्रकारों के फोन रिकॉर्ड और ई‑मेल को जबरन हासिल किया है, विशेषकर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी लीक मामलों में। 2025 में तब के एटॉर्नी जनरल पाम बॉंडी ने बाइडन प्रशासन की नीति को रद्द किया, जिससे मीडिया को अब अधिक संवेदनशीलता के साथ जांच का सामना करना पड़ रहा है। इस नीति बदलाव ने न्याय विभाग को सबपॉइना, कोर्ट ऑर्डर और सर्च वारंट के माध्यम से पत्रकारों पर दबाव बढ़ाने की अनुमति दी।
भविष्य की संभावनाएँ
यदि कोर्ट इस याचिका को मंजूरी देता है, तो यह न केवल टाइम्स के पत्रकारों के लिए बल्कि पूरे अमेरिकी प्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण जीत होगी। दूसरी ओर, यदि न्याय विभाग की दलीलें स्वीकार की जाती हैं, तो यह सरकार को ग्रैंड जूरी के समक्ष पत्रकारों को बाध्य करने का अधिकार देगा, जिससे भविष्य में अधिक स्रोत‑सुरक्षा समझौते कमजोर हो सकते हैं। इस मुकदमे के परिणाम से अमेरिकी लोकतंत्र में प्रेस की भूमिका और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन का पुनः मूल्यांकन हो सकता है।