अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष के बीच तेहरान के एंगलेब स्क्वायर पर डोनाल्ड ट्रंप को ताबूत में दिखाने वाला एक विशाल होर्डिंग लगाया गया है। इस मनोवैज्ञानिक युद्ध के साथ ही अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले तेज कर दिए हैं, जिसके जवाब में ईरान ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- तेहरान के व्यस्त चौराहे पर डोनाल्ड ट्रंप को ताबूत में बंद दिखाने वाला एक बड़ा बिलबोर्ड लगाया गया है, जिस पर गंभीर धमकी लिखी है।
- अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बंदर अब्बास सहित कई ईरानी सैन्य ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए हैं।
- ईरान का आरोप है कि अमेरिकी हवाई हमलों के कारण अहवाज में एक कैंसर अस्पताल के पास मिसाइल गिरी, जिससे मरीजों में हड़कंप मच गया।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। तेहरान के प्रसिद्ध एंगलेब स्क्वायर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक खुले काले ताबूत में लेटे हुए दिखाने वाला एक विशाल बिलबोर्ड लगाया गया है। इस होर्डिंग पर फारसी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में "हम ट्रंप को मार डालेंगे" (We Will Kill Trump) लिखा है। यह आक्रामक कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दोनों देशों के बीच सैन्य झड़पें और हवाई हमले काफी तेज हो गए हैं।
अमेरिकी सेना की बड़ी कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के सैन्य कमांड सेंटरों, वायु रक्षा प्रणालियों और ड्रोन ठिकानों को निशाना बनाकर सटीक हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर बंदर अब्बास और ग्रेटर तुनब द्वीप को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ईरानी खतरों को कम करना है।
ईरान का पलटवार और नागरिक क्षेत्रों पर असर
दूसरी ओर, ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका पर नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, एक मिसाइल अहवाज शहर में स्थित बोघाई अस्पताल 2 के बेहद करीब गिरी, जो कैंसर रोगियों के इलाज के लिए समर्पित है। धमाके की तीव्रता से डरे मरीज और उनके परिजन अस्पताल छोड़कर भागने को मजबूर हो गए। इसके अलावा, केश्म द्वीप पर एक औद्योगिक कारखाने को भी नुकसान पहुंचने की खबर है, हालांकि वहां किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
भू-राजनीतिक प्रभाव और ऐतिहासिक संदर्भ
इस बिलबोर्ड पर "मीनाब के बच्चों की याद में" भी लिखा है, जो फरवरी में एक प्राथमिक विद्यालय पर हुए हमले की ओर इशारा करता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप को सीधे तौर पर निशाना बनाना ईरान की उस पुरानी प्रतिशोध की नीति का हिस्सा है, जो जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद से चली आ रही है। यह मनोवैज्ञानिक और सैन्य टकराव मध्य पूर्व में एक बड़े युद्ध की आशंका को जन्म दे रहा है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और कूटनीतिक प्रयास दोनों खतरे में पड़ गए हैं।