अमेरिका ने इरान के दक्षिणी प्रांतों में अतिरिक्त पुलों को निशाना बनाते हुए अपने हवाई अभियानों को विस्तृत किया, जबकि इरानी मिसाइलों और ड्रोन ने बहरीन और कुवैत पर प्रहार किया। इस दौर में पहली बार अमेरिकी स्ट्राइकें तेहरान के आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचीं, जिससे तनाव की सीमा और बढ़ गई।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- अमेरिका ने इरान में अतिरिक्त पुलों को निशाना बनाया
- बहरीन और कुवैत पर इरानी मिसाइलों और ड्रोन का प्रहार
- तेहरान के आसपास के क्षेत्रों में भी अमेरिकी हमले पहुँचे
संयुक्त राज्य अमेरिका ने 17 जुलाई को इरान के दक्षिणी हॉर्मोज़गन प्रांत में दो अतिरिक्त पुलों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले तेज़ कर दिए। यह कार्रवाई पहले से ही बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी को चुनौती देने वाले इरानी मिसाइल और ड्रोन प्रहार के बाद हुई, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति और बिगड़ी।
पृष्ठभूमि और रणनीतिक महत्व
इंटरिम समझौते के टूटने के बाद, इराक और लिविया के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य को नियंत्रित करने की जंग फिर से तेज़ हो गई है। इस जलडमरूमध्य को नियंत्रित करने से विश्व तेल की आपूर्ति पर सीधा प्रभाव पड़ता है, इसलिए दोनों पक्षों के लिए यह रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। अमेरिकी हवाई हमले अब केवल इरान के उत्तर में नहीं, बल्कि दक्षिणी प्रांतों में भी व्यापक बुनियादी ढाँचे को नष्ट करने की ओर बढ़े हैं।
इरान की प्रतिक्रिया
इरान के क्रांतिकारी गार्ड (IRGC) ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की, जिसमें बहरीन, कुवैत और जॉर्डन के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन प्रहार शामिल थे। इरानी सैन्य प्रवक्ता एब्राहिम ज़ोलफ़घारी ने कहा कि यदि अमेरिका इरान के पुलों और पावर प्लांटों को निशाना बनाता रहा तो वह पूरे क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं पर व्यापक हमले करेगा। यह बयान इरान की “अपराजेय लाल रेखा” को स्पष्ट करता है, जिसमें स्ट्रेट ऑफ़ हार्मुज में अमेरिकी हस्तक्षेप को अस्वीकार किया गया है।
अमेरिकी हवाई हमलों का विस्तार
अमेरिकी सेनाओं ने इस बार दो नई लहरों में हॉर्मोज़गन के साथ-साथ तेहरान और सेमनान प्रांतों में भी लक्ष्य निर्धारित किए। तेहरान के निकट स्थित क्षेत्रों में किए गए हमलों ने इरान के बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन और अंतरिक्ष कार्यक्रम को लक्षित किया। इसके अलावा, क़ेश्म द्वीप और ग्रेटर टुनब द्वीप पर भी हमले हुए, जहाँ इरान की मिसाइल और रक्षा सुविधाएँ स्थित हैं।
भविष्य की संभावनाएँ
इस तीव्रता के साथ, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए कूटनीतिक समाधान खोज पाना और कठिन हो रहा है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग ट्रैफ़िक में लगभग 25% की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वैश्विक तेल कीमतों में अस्थिरता बढ़ी है। यदि दोनों पक्ष आगे भी मिलिट्री कार्रवाई जारी रखते हैं, तो क्षेत्रीय आर्थिक और मानवीय क्षति बढ़ने की संभावना है।