राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की रोमानिया यात्रा के दौरान दोनों देशों ने कुशल पेशेवरों की आवाजाही के लिए एक महत्वपूर्ण 'मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट' (MPA) पर काम करने का निर्णय लिया है। इस समझौते से भारतीय पेशेवरों के लिए यूरोप के द्वार खुल सकते हैं।
मुख्य बातें
- भारत और रोमानिया कुशल पेशेवरों की आवाजाही के लिए 'मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट' (MPA) पर काम कर रहे हैं।
- रक्षा, डिजिटल भुगतान (UPI), और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
- रोमानिया, भारतीय कंपनियों के लिए यूरोपीय बाजार में प्रवेश का एक महत्वपूर्ण द्वार बन सकता है।
- आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोनों देशों ने एक-दूसरे का समर्थन किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की रोमानिया की राजकीय यात्रा ने द्विपक्षीय संबंधों में एक नए युग की शुरुआत की है। बुखारेस्ट में आयोजित उच्च स्तरीय वार्ताओं के दौरान, भारत और रोमानिया ने कुशल पेशेवरों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए एक मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट (MPA) को अंतिम रूप देने पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम), सिबी जॉर्ज ने बताया कि रोमानिया में भारतीय मानव संसाधनों की भारी मांग है। यह समझौता न केवल भारतीय पेशेवरों को वहां काम करने के अवसर प्रदान करेगा, बल्कि दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को भी गहरा करेगा।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि रोमानिया की यूरोपीय संघ (EU) की सदस्यता भारतीय व्यवसायों के लिए एक रणनीतिक लाभ है। रोमानिया में पहले से ही लगभग 1,000 कंपनियां कार्यरत हैं, जो भारतीय कंपनियों को पूरे यूरोप के लिए एक 'गेटवे' के रूप में उपयोग करने की सुविधा प्रदान करती हैं।
यह समझौता भारतीय प्रतिभाओं के लिए पूर्वी यूरोप के द्वार खोलकर वैश्विक श्रम बाजार में भारत की स्थिति को मजबूत करेगा।
रक्षा क्षेत्र में भी सहयोग के नए आयाम खुले हैं। दोनों देश रक्षा विनिर्माण, समुद्री सुरक्षा और साइबर सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। भारतीय कंपनियां अब रोमानिया के साथ मिलकर ड्रोन तकनीक और एयरोनॉटिक्स जैसे क्षेत्रों में सह-उत्पादन की संभावनाएं तलाश रही हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत और रोमानिया के संबंध दशकों पुराने हैं, लेकिन हाल के वर्षों में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और रक्षा के क्षेत्र में सहयोग में तेजी आई है। राष्ट्रपति मुर्मू की इस यात्रा ने विशेष रूप से कनेक्टिविटी और तकनीकी हस्तांतरण पर ध्यान केंद्रित किया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट (MPA) क्या है?
यह एक समझौता है जो दोनों देशों के कुशल पेशेवरों को आसानी से एक देश से दूसरे देश में जाकर काम करने की अनुमति देता है।
2. भारत रोमानिया में किन क्षेत्रों में सहयोग कर रहा है?
भारत रक्षा, डिजिटल भुगतान (UPI), पर्यटन, और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग कर रहा है।