अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में चीन द्वारा बनाए गए 'प्रकृति रिजर्व' के दावे को खारिज करते हुए इसे फिलीपीन के मछुआरों को रोकने की एक साजिश बताया है।
मुख्य बातें
- अमेरिका ने चीन के 'प्रकृति रिजर्व' के दावे को क्षेत्रीय विस्तार की साजिश बताया।
- चीन पर फिलीपीन के मछुआरों को उनके पारंपरिक मछली पकड़ने के क्षेत्रों से रोकने का आरोप।
- स्कार्बोरो रीफ (Scarborough Reef) को लेकर तनाव और बढ़ने की आशंका।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में फिलीपींस के साथ चल रहे क्षेत्रीय विवाद को लेकर चीन की कड़ी आलोचना की है। अमेरिकी विदेश विभाग ने शनिवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि चीन 'प्रकृति रिजर्व' के बहाने लुजोन द्वीप के पास स्थित स्कार्बोरो रीफ (Scarborough Reef) के आसपास के क्षेत्रों पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रहा है।
अमेरिका का आरोप है कि चीन पर्यावरण और कानूनी दावों का उपयोग एक मुखौटे के रूप में कर रहा है ताकि वह अपने समुद्री विस्तारवादी एजेंडे को आगे बढ़ा सके। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, यह फिलीपीन के मछुआरों को उनके पारंपरिक मछली पकड़ने के स्थानों से वंचित करने का एक एकतरफा प्रयास है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विवाद केवल मछली पकड़ने के अधिकार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक व्यापार मार्ग और क्षेत्रीय संप्रभुता का मामला है। दक्षिण चीन सागर से सालाना 3 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का व्यापार होता है, जो इसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षेत्रों में से एक बनाता है।
चीन का 'प्रकृति रिजर्व' का दावा केवल एक कानूनी छलावा है जिसका उद्देश्य फिलीपीन के अधिकारों को कुचलना है।
ऐतिहासिक रूप से, चीन 'नाइन-डैश लाइन' (Nine-Dash Line) का उपयोग करके दक्षिण चीन सागर के बड़े हिस्से पर अपना दावा करता आया है। हालांकि, हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायालय ने चीन के इन दावों को अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत अवैध घोषित कर दिया था, जिसे बीजिंग ने मानने से इनकार कर दिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. स्कार्बोरो रीफ विवाद का मुख्य कारण क्या है?
यह क्षेत्र चीन और फिलीपींस दोनों द्वारा अपना संप्रभु क्षेत्र होने का दावा किया जाता है, जिससे वहां मछली पकड़ने और समुद्री नियंत्रण को लेकर संघर्ष होता है।
2. अमेरिका इस विवाद में क्या भूमिका निभा रहा है?
अमेरिका फिलीपींस का एक प्रमुख सहयोगी है और वह 'मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक' के समर्थन में चीन की आक्रामक गतिविधियों का विरोध कर रहा है।