एल नीनो के कारण इंडोनेशिया में भीषण आग लगी है, जिससे 1 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि नष्ट हो गई है। हवा की खराब गुणवत्ता के कारण दर्जनों स्कूल बंद कर दिए गए हैं और क्लाउड-सीडिंग का सहारा लिया जा रहा है।
मुख्य बिंदु
- इंडोनेशिया के छह प्रांतों में 1,00,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि जलकर राख।
- आग बुझाने के लिए लगभग 50,000 अग्निशामकों और 43 हेलीकॉप्टरों की तैनाती।
- हवा की जहरीली गुणवत्ता के कारण पोंटियानाक जैसे शहरों में स्कूल बंद।
- बारिश कराने के लिए क्लाउड-सीडिंग (कृत्रिम वर्षा) तकनीक का उपयोग।
इंडोनेशियाई अधिकारी वर्तमान में जंगलों की भीषण आग को नियंत्रित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिसने अब तक 1,00,000 हेक्टेयर (2,47,000 एकड़) से अधिक भूमि को अपनी चपेट में ले लिया है। इस आपदा से निपटने के लिए सरकार ने लगभग 50,000 अग्निशामकों को मैदान में उतारा है और क्लाउड-सीडिंग के लिए विशेष विमानों की तैनाती की है।
बोर्नियो द्वीप पर स्थित पश्चिम कालीमंतन में स्थिति अत्यंत गंभीर है। पोंटियानाक के मेयर एडी रुस्दी कामतोनो ने शहर में छाए धुएं के कारण स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। जब तक हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं होता, तब तक बच्चों की पढ़ाई घर से ही (ऑनलाइन) होगी, जो इस संकट के गंभीर स्वास्थ्य प्रभावों को दर्शाता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह केवल एक मौसमी घटना नहीं है, बल्कि गहराता जलवायु संकट है। एल नीनो (El Niño) के प्रभाव ने पूरे द्वीप समूह में सूखे जैसी स्थिति पैदा कर दी है, जिससे जंगलों में आग लगने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। 2023 की तुलना में प्रभावित भूमि में 110% की वृद्धि यह संकेत देती है कि पारिस्थितिकी तंत्र की लचीलापन क्षमता कम हो रही है।
"अत्यधिक सूखे और पीटलैंड की संवेदनशीलता का मेल इन आगों को बिना भारी बारिश के बुझाना लगभग असंभव बना देता है।"
बारिश कराने के लिए सरकार सिल्वर आयोडाइड और नमक जैसे रसायनों का छिड़काव कर रही है, जिससे वर्षा की संभावना 15% तक बढ़ सकती है। हालांकि, मुख्य सुरक्षा मंत्री जमारी चनियागो ने चेतावनी दी है कि पर्याप्त वर्षा बादलों की कमी के कारण यह प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण हो रही है। वहीं, पूर्वी जावा के ब्रोमो टेंगेर सेमेरु नेशनल पार्क में भी भीषण आग लगी थी, जिसे अब काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया है।
| मानदंड | जनवरी-जून 2023 | जनवरी-जून 2024 (अनुमानित) | प्रतिशत वृद्धि |
|---|---|---|---|
| प्रभावित भूमि (हेक्टेयर) | ~51,000 | 1,07,000+ | 110% |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एल नीनो क्या है और यह आग का कारण कैसे बनता है?
एल नीनो एक जलवायु घटना है जो वैश्विक हवाओं और बारिश के पैटर्न को बदल देती है। दक्षिण-पूर्व एशिया में इसके कारण लंबे समय तक सूखा पड़ता है, जिससे जंगल सूख जाते हैं और आग जल्दी फैलती है।
कौन से प्रांत सबसे अधिक प्रभावित हैं?
मुख्य रूप से सुमात्रा द्वीप के रियाऊ, जाम्बी और दक्षिण सुमात्रा, तथा बोर्नियो द्वीप के पश्चिम, मध्य और दक्षिण कालीमंतन प्रांत प्रभावित हैं।