यूनेस्को ने खुलासा किया है कि अफगानिस्तान में लगभग 24 लाख लड़कियां माध्यमिक शिक्षा से वंचित हैं, और यदि तालिबान ने अपनी नीतियों में बदलाव नहीं किया, तो यह संख्या 2030 तक 40 लाख तक पहुंच सकती है।

मुख्य बातें

  • अफगानिस्तान में 24 लाख लड़कियां माध्यमिक शिक्षा से बाहर हैं।
  • 2030 तक यह संख्या 40 लाख तक पहुंचने का अनुमान है।
  • तालिबान ने महिलाओं के शिक्षण पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।
  • देश की साक्षरता दर गिरकर मात्र 37 प्रतिशत रह गई है।

संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक एजेंसी, यूनेस्को (UNESCO) ने एक चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी करते हुए कहा है कि अफगानिस्तान में लगभग 24 लाख लड़कियों को माध्यमिक स्कूलों में जाने से रोक दिया गया है। एजेंसी ने तालिबान सरकार से महिला शिक्षा पर लगे प्रतिबंधों को तुरंत हटाने की मांग की है।

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में माध्यमिक शिक्षा से वंचित लड़कियों की संख्या में 2,00,000 की वृद्धि हुई है। यदि वर्तमान नीतियां जारी रहती हैं, तो यूनेस्को का अनुमान है कि 2030 तक यह आंकड़ा 40 लाख तक पहुंच सकता है। अफगानिस्तान वर्तमान में दुनिया का एकमात्र ऐसा देश बन गया है जहाँ लड़कियों और महिलाओं को माध्यमिक स्कूलों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश से प्रतिबंधित किया गया है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक शैक्षिक मुद्दा नहीं है, बल्कि एक गहरा सामाजिक और आर्थिक संकट है। संयुक्त राष्ट्र ने इन प्रतिबंधों को "लिंग रंगभेद" (Gender Apartheid) करार दिया है। जब महिलाओं को पढ़ाने से रोक दिया जाता है, तो इससे योग्य महिला शिक्षकों की भारी कमी हो जाती है। यूनेस्को का अनुमान है कि 2030 तक देश में 11,000 से अधिक योग्य महिला शिक्षकों की कमी होगी।

शिक्षा का अधिकार छीनना किसी भी समाज के भविष्य की नींव को कमजोर करना है।

अफगानिस्तान का शिक्षा तंत्र पहले से ही बुनियादी ढांचे की कमी, पानी, स्वच्छता और हीटिंग की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। इसके अलावा, प्राकृतिक आपदाओं के कारण पिछले पांच वर्षों में लगभग एक हजार स्कूल बंद हो चुके हैं। प्राथमिक स्तर पर, दो मिलियन से अधिक बच्चे कक्षा से बाहर हैं, जिससे देश की साक्षरता दर घटकर 37 प्रतिशत रह गई है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

मार्च 2022 में तालिबान ने माध्यमिक स्कूलों के लिए लड़कियों के दरवाजे बंद कर दिए थे, और उसके कुछ ही महीनों बाद, दिसंबर 2022 में विश्वविद्यालयों में भी महिलाओं का प्रवेश वर्जित कर दिया गया। यह सब अमेरिका और उसके सहयोगियों के 20 साल के कब्जे के बाद तालिबान के सत्ता में वापसी के बाद हुआ है।

क्या आप जानते हैं?: अफगानिस्तान में 10 साल के बच्चों में से 90% एक साधारण पाठ भी नहीं पढ़ सकते।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या तालिबान ने महिला शिक्षकों पर भी प्रतिबंध लगाया है?
हाँ, तालिबान ने महिलाओं को लड़कों को पढ़ाने से भी प्रतिबंधित कर दिया है।

2. यूनेस्को का अगला अनुमान क्या है?
यूनेस्को का अनुमान है कि 2030 तक शिक्षा से वंचित लड़कियों की संख्या 40 लाख तक पहुंच सकती है।