गाजा में जारी निरंतर बमबारी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के जीवन को तहस-नहस कर दिया है। धमाकों के शोर और दवाओं की कमी के कारण ये बच्चे गंभीर मानसिक आघात और व्यवहारिक गिरावट का सामना कर रहे हैं।

मुख्य बातें

  • लगातार बमबारी और धमाकों के शोर से ऑटिज्म पीड़ित बच्चों में गंभीर पैनिक अटैक और आत्म-नुकसान की प्रवृत्ति बढ़ रही है।
  • दवाओं की भारी कमी और विशेष चिकित्सा केंद्रों के विनाश ने उपचार को लगभग असंभव बना दिया है।
  • रूटीन और सुरक्षित वातावरण के अभाव में बच्चों के व्यवहार में भारी गिरावट (Relapse) देखी जा रही है।

गाजा के खान यूनिस के मलबे के बीच, 16 वर्षीय अहमद हतम अल-महाबील अपने हाथ को ठुड्डी के नीचे कसकर पकड़े हुए है। यह एक दोहराव वाला व्यवहार है जिसे वह धमाकों की गूंज से होने वाले मानसिक तनाव को कम करने के लिए करता है। युद्ध से पहले, अहमद एक होनहार छात्र था, जो फुटबॉल अकादमी में प्रशिक्षण लेता था और कुरान भी याद कर रहा था। लेकिन इजरायली हमलों ने उसके स्कूल, खेल के मैदान और उसके सुरक्षित संसार को मलबे में बदल दिया है।

क्यों यह महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, युद्ध केवल भौतिक विनाश नहीं लाता, बल्कि यह उन बच्चों के तंत्रिका तंत्र (Nervous System) पर भी प्रहार करता है जिन्हें विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के लिए 'रूटीन' और 'शांति' जीवन रेखा की तरह होती है, जिसे युद्ध ने पूरी तरह छीन लिया है।

"एक ऑटिस्टिक बच्चा सुरक्षित महसूस करने के लिए पूरी तरह से दिनचर्या और शांति पर निर्भर करता है। जब उन्हें धमाकों के बीच तंबू में रहने को मजबूर किया जाता है, तो उनका मस्तिष्क एक ऐसा संवेदी झटका (Sensory Shock) प्राप्त करता है जिसे वह प्रोसेस नहीं कर पाता।" - मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ दिया अबू औन।

गाजा में दवाओं की कमी एक और गंभीर संकट है। 19 वर्षीय मुनीर अल-हज जैसे कई बच्चे, जो पहले अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सकते थे, अब दवाओं की कमी के कारण गंभीर दौरे और चीखने-चिल्लाने के दौर से गुजर रहे हैं। उनके पिता बताते हैं कि दवाओं की खुराक आधी करने से उनके मस्तिष्क की केमिस्ट्री बिगड़ रही है, जिससे हिंसक दौरे और आत्म-नुकसान बढ़ रहा है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

अक्टूबर 2023 से जारी संघर्ष ने गाजा के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। विशेष शिक्षा केंद्र (Palestine Center for Special Education) जैसे संस्थान नष्ट हो चुके हैं और उनके निदेशक भी मारे जा चुके हैं, जिससे विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए सहायता का कोई रास्ता नहीं बचा है।

क्या आप जानते हैं?: ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के लिए अचानक होने वाला शोर केवल शोर नहीं, बल्कि शारीरिक दर्द के समान एक तीव्र संवेदी आघात होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: युद्ध ऑटिस्टिक बच्चों को कैसे प्रभावित करता है?
उत्तर: निरंतर शोर, असुरक्षा और दिनचर्या के टूटने से उनमें पैनिक अटैक, नींद की कमी और आत्म-नुकसान जैसे गंभीर व्यवहारिक बदलाव आते हैं।

प्रश्न 2: गाजा में चिकित्सा स्थिति क्या है?
उत्तर: दवाओं की भारी कमी और पुनर्वास केंद्रों के विनाश के कारण बच्चों को आवश्यक मनोवैज्ञानिक और न्यूरोलॉजिकल उपचार नहीं मिल पा रहा है।