ईरान के IRGC सलाहकार ने खुलासा किया है कि तेहरान अमेरिका के साथ संघर्ष को डोनाल्ड ट्रंप का कार्यकाल समाप्त होने तक लंबा खींच सकता है ताकि भविष्य के हमलों को रोका जा सके।

मुख्य बिंदु

  • ईरान अमेरिका के साथ युद्ध को थका देने वाली रणनीति (attrition) के माध्यम से लंबा खींचना चाहता है।
  • लक्ष्य डोनाल्ड ट्रंप का कार्यकाल समाप्त होने तक संघर्ष को जारी रखना है।
  • ईरान का दावा है कि वह अमेरिका की तुलना में अधिक मजबूत स्थिति में है और मिसाइल उत्पादन बढ़ा रहा है।
  • मिसाइल खत्म होने पर ईरान अमेरिका के वैश्विक आर्थिक हितों को निशाना बनाने की धमकी दे रहा है।

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक वरिष्ठ सलाहकार ने एक चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा है कि तेहरान अमेरिका के साथ अपने संघर्ष को जानबूझकर तब तक खींच सकता है जब तक कि डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस छोड़ नहीं देते। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य 'एट्रिशन' (थका देने वाली युद्ध पद्धति) का उपयोग करना है ताकि भविष्य में होने वाले किसी भी अमेरिकी हमले के लिए भारी कीमत चुकानी पड़े।

IRGC कमांडर-इन-चीफ के वरिष्ठ सलाहकार मोहम्मद रेज़ा नकदी ने पीबीएस न्यूज आवर (PBS NewsHour) को दिए साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि ईरान इस समय युद्ध में बढ़त बना रहा है, हालांकि उनका अंतिम लक्ष्य अभी प्राप्त नहीं हुआ है। नकदी के अनुसार, युद्ध को लंबा खींचने से ईरान को अमेरिकी सैन्य शक्ति के विरुद्ध अनुभव प्राप्त होगा और एक ऐसी प्रतिरोधक क्षमता (deterrence) विकसित होगी जिससे दुश्मन हमला करने से डरे।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह बयान वैश्विक भू-राजनीति में एक खतरनाक मोड़ का संकेत है। यदि ईरान वास्तव में अमेरिकी राजनीतिक चक्रों को अपने सैन्य उद्देश्यों के साथ जोड़ता है, तो यह मध्य पूर्व में अस्थिरता को और गहरा कर सकता है। यह केवल सैन्य संघर्ष नहीं, बल्कि एक मनोवैज्ञानिक युद्ध भी है जो अमेरिकी प्रशासन की निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

ईरान का लक्ष्य केवल युद्ध जीतना नहीं, बल्कि अमेरिका को इतना थका देना है कि भविष्य में कोई भी प्रशासन ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने का साहस न कर सके।

नकदी ने यह भी दावा किया कि ईरान की मिसाइल निर्माण क्षमता अत्यधिक है और वे हर दिन जितने मिसाइल लॉन्च कर रहे हैं, उससे अधिक का उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने एक गंभीर चेतावनी भी दी: यदि ईरान के मिसाइल भंडार समाप्त हो जाते हैं, तो वे अमेरिका के वैश्विक आर्थिक हितों को निशाना बनाकर और भी अधिक खतरनाक साबित होंगे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव दशकों पुराना है, जो 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से चरम पर रहा है। परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों ने दोनों देशों के बीच एक निरंतर 'शीत युद्ध' जैसी स्थिति बनाए रखी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. ईरान की मुख्य रणनीति क्या है?
ईरान की रणनीति 'एट्रिशन' या थका देने वाली युद्ध पद्धति है, जिसका उद्देश्य अमेरिका को आर्थिक और सैन्य रूप से थकाना है।

2. नकदी ने अमेरिका के बारे में क्या कहा?
नकदी ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य शक्ति पहले की तुलना में कमजोर है और ईरान के पास अमेरिका के वैश्विक आर्थिक हितों को नष्ट करने की क्षमता है।

क्या आप जानते हैं?: ईरान दुनिया के सबसे बड़े मिसाइल उत्पादन केंद्रों में से एक माना जाता है, जो अपनी स्वदेशी तकनीक पर अत्यधिक निर्भर है।