वेस्ट बैंक के जेरिको में इजरायली बसियों द्वारा फिलिस्तीनी घरों को ढहाने की घटनाओं ने गंभीर विवाद खड़ा कर दिया है। निवासियों ने इजरायली सरकार पर इन हमलों में मिलीभगत और कानून की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
मुख्य बिंदु
- जेरिको के आईन अल-दुयुक क्षेत्र में इजरायली बसियों द्वारा फिलिस्तीनी घरों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
- स्थानीय निवासियों ने इजरायली सेना की मौजूदगी में किए जा रहे इन हमलों को 'राज्य प्रायोजित गुंडागर्दी' करार दिया है।
- हनान हर्बस्ट नामक बसियों के समूह पर हमलों और चोरी का आरोप है, जिसे हाल ही में आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त हुई है।
जेरिको, वेस्ट बैंक: जहाँ कभी फल के बगीचे और सुंदर घर हुआ करते थे, आज वहाँ केवल मलबे के ढेर और उखड़ी हुई पानी की पाइपें बची हैं। वेस्ट बैंक के जेरिको क्षेत्र में स्थित आईन अल-दुयुक गाँव में इजरायली बसियों द्वारा किए जा रहे निर्माण और विध्वंस ने एक मानवीय संकट खड़ा कर दिया है।
स्थानीय निवासी मोहम्मद सलाह ने बताया कि कैसे इजरायली बुलडोजर उनके घर के सामने मलबे का ढेर लगाकर उन्हें अपने ही घर में घुसने से रोक रहे हैं। बसियों का कहना है कि यह ज़मीन अब उनकी नहीं रही। निवासियों का आरोप है कि ये हमले बिना किसी कानूनी आदेश के किए जा रहे हैं और हर हमले के दौरान इजरायली सैनिक सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल संपत्ति का विवाद नहीं है, बल्कि यह इजरायली राज्य के कानूनी ढांचे और बसियों की महत्वाकांक्षाओं के बीच धुंधली होती रेखा का परिणाम है। जब राज्य की संस्थाएं बसियों के कार्यों को मौन सहमति या सुरक्षा प्रदान करती हैं, तो यह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत 'मिलीभगत' की श्रेणी में आ सकता है।
"यह बिना कानून वाला राज्य है, जहाँ केवल गुंडागर्दी का राज है," स्थानीय निवासी मोहम्मद सलाह ने दर्द भरे लहजे में कहा।
घटनाक्रम तब और गहरा गया जब इजरायली विरासत मंत्री अमिचई एलियाहू ने एक वीडियो में घोषणा की कि वे यहूदी विरासत के नाम पर किसी भी निर्माण को नष्ट कर देंगे। इसके तुरंत बाद, बसियों के एक समूह ने क्षेत्र में आठ घंटे तक 'पोग्रोम' (नरसंहार जैसा हमला) किया, जिसमें कई बेदौइन परिवारों के घर और संपत्ति नष्ट कर दी गई।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों का विस्तार दशकों से चल रहा है। हाल के वर्षों में, कई अवैध बस्तियों को इजरायली सरकार द्वारा औपचारिक मान्यता दी गई है, जिससे स्थानीय फिलिस्तीनी समुदायों के लिए भूमि का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: निवासियों ने इजरायली सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
उत्तर: निवासियों का आरोप है कि सरकार बसियों को बिना किसी कानूनी आदेश के घरों को नष्ट करने और चोरी करने की खुली छूट दे रही है।
प्रश्न 2: क्या इन हमलों के लिए कोई कानूनी आदेश जारी किया गया है?
उत्तर: स्थानीय निवासियों और वकीलों के अनुसार, इन विध्वंसों के लिए कोई आधिकारिक कानूनी आदेश नहीं दिखाया गया है।