ईरान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से उसके नियंत्रण और प्रबंधन में है।

मुख्य बातें

  • ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूर्ण नियंत्रण और प्रबंधन का दावा किया है।
  • राष्ट्रपति ट्रंप के 'कुल नियंत्रण' वाले बयान को ईरान ने 'झूठ' करार दिया।
  • ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिका के बीचस्थ समझौते के वादे पूरे होने तक जलडमरूमध्य नहीं खुलेगा।
  • रणनीतिक रूप से यह जलडमरूमध्य दुनिया के एक-पांचवें तेल व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है।

ईरान के अर्धसैनिक संगठन बासिज (Basij) के कमांडर ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पूरी तरह से ईरान के नियंत्रण और प्रबंधन में है। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के ठीक एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर अमेरिका का 'पूर्ण नियंत्रण' है।

ईरान के अर्ध-आधिकारिक समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार, होज्जतोलइस्लाम हुसैन ताएब ने कहा, "आज आप देख सकते हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य इस्लामी गणराज्य के प्रबंधन और नियंत्रण में है, और हमारा देश पूर्ण सुरक्षा के साथ अपने पथ पर आगे बढ़ रहा है।" उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकियों ने इस्लामी क्रांति की शक्ति को देख लिया है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ है। इस जलमार्ग से दुनिया का लगभग 20% तेल और तरल प्राकृतिक गैस (LNG) गुजरती है। यदि इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है, तो वैश्विक तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। वर्तमान में, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष ने इस मार्ग को अत्यधिक अस्थिर बना दिया है।

ईरान इस संघर्ष को लंबा खींचना चाहता है ताकि वह आर्थिक दबाव के बावजूद अपनी सत्ता की स्थिरता को साबित कर सके।

ईरान के संयुक्त सैन्य कमांड, खतम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने स्पष्ट किया है कि तेहरान की अनुमति के बिना कोई भी जहाज इस जलडमरूमध्य से नहीं गुजर सकता। वरिष्ठ सैन्य अधिकारी रसूल सनाई-राद ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने अंतरिम समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं किया, तो ईरान जलमार्ग को नहीं खोलेगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

होर्मुज जलडमरूमध्य दशकों से भू-राजनीतिक तनाव का केंद्र रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष के दौरान, इस जलमार्ग का उपयोग अक्सर एक रणनीतिक हथियार के रूप में किया जाता रहा है। फरवरी 2026 में शुरू हुए संघर्ष के बाद से, ईरान ने प्रभावी रूप से इस मार्ग को बाधित किया है, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरानी शिपिंग पर नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर दी है।

क्या आप जानते हैं?: होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल चोकपॉइंट है, जहाँ से गुजरने वाला हर जहाज वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व क्या है?
यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है, जहाँ से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है।

2. ईरान और अमेरिका के बीच विवाद का मुख्य कारण क्या है?
विवाद का मुख्य कारण जलमार्ग पर नियंत्रण, नौसैनिक नाकाबंदी और चल रहे सैन्य संघर्ष से जुड़ी शर्तें हैं।