तुर्की में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप पर कंधे से दागे जाने वाली मिसाइलों (MANPADS) के खतरे के चलते सीक्रेट सर्विस ने उन्हें गुप्त तरीके से एयर फोर्स वन से हटाकर एक छोटे जेट में स्थानांतरित किया।
मुख्य बिंदु
- तुर्की में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हुआ।
- ईरानी मिसाइलों (SA-67 और Verba) के इस्तेमाल की आशंका के चलते सीक्रेट रेस्क्यू किया गया।
- सुरक्षा के लिए राष्ट्रपति को कैटरिंग ट्रक जैसी दिखने वाली गाड़ियों और छोटे सी-32ए जेट का उपयोग किया गया।
- मैनपैड्स (MANPADS) विमानों के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं क्योंकि वे रडार से बच सकते हैं।
जुलाई 2026 में तुर्की की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान एक ऐसी घटना घटी जिसने वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था को हिला कर रख दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर खुफिया एजेंसियों ने एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की थी। सूचना मिली थी कि एयर फोर्स वन को कंधे से दागे जाने वाली मिसाइलों, यानी MANPADS, का निशाना बनाया जा सकता है।
इस खतरे की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने एक असाधारण और गुप्त ऑपरेशन चलाया। राष्ट्रपति ट्रंप को उनके मुख्य विमान से उतारकर एक साधारण दिखने वाले सी-32ए (C-32A) जेट में स्थानांतरित कर दिया गया। इस ऑपरेशन को इतना गुप्त रखा गया कि राष्ट्रपति की आवाजाही को छिपाने के लिए एक कैटरिंग ट्रक जैसी दिखने वाली गाड़ी का इस्तेमाल किया गया, ताकि किसी को संदेह न हो।
क्यों बढ़ा खतरा?
खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच यह खतरा और भी बढ़ गया था। आशंका थी कि शिखर सम्मेलन के दौरान किसी व्यक्ति के पास शोल्डर-फायर्ड मिसाइल हो सकती है। इतना ही नहीं, ईरान के पास ट्रंप के ठहरने के स्थान और होटल की मंजिल तक की सटीक जानकारी होने की बात भी सामने आई थी।
मैनपैड्स (MANPADS) आधुनिक युद्ध के सबसे घातक हथियार बन चुके हैं क्योंकि ये रडार की पकड़ में नहीं आते और सीधे इंजन की गर्मी को निशाना बनाते हैं।
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह घटना दर्शाती है कि कैसे पोर्टेबल मिसाइल सिस्टम बड़े देशों की हवाई सुरक्षा के लिए चुनौती बन रहे हैं। ये मिसाइलें रेडियो तरंगें नहीं छोड़तीं, जिससे रडार द्वारा इन्हें पहचानना लगभग असंभव हो जाता है।
खतरनाक मिसाइल प्रणालियों का तुलनात्मक विवरण
| विशेषता | ईरानी SA-67 (358) | रूसी 9K333 Verba |
|---|---|---|
| प्रकार | लॉइटरिंग सरफेस-टू-एयर | मैनपैड्स (MANPADS) |
| रेंज | ~100-150 किमी | 6-6.5 किमी |
| विशेषता | हवा में मंडरा कर हमला | उन्नत ट्रिपल-चैनल सीकर |
| गति | 700-740 किमी/घंटा | 1852 किमी/घंटा |
विशेषज्ञों का मानना है कि SA-67 जैसी मिसाइलें 'लॉइटरिंग' क्षमता रखती हैं, यानी ये लक्ष्य मिलने तक हवा में मंडरा सकती हैं। वहीं, Verba मिसाइल अपने उन्नत इन्फ्रारेड सेंसर के कारण डिकॉय (धोखे वाले लक्ष्यों) को पहचानने में सक्षम है, जो इसे बेहद घातक बनाता है।
Frequently Asked Questions
1. एयर फोर्स वन को क्यों बदला गया?
कंधे से दागे जाने वाली मिसाइलों (MANPADS) के खतरे और ईरान से जुड़ी खुफिया जानकारी के कारण राष्ट्रपति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विमान बदला गया।
2. MANPADS इतने खतरनाक क्यों हैं?
ये मिसाइलें रडार सिग्नल नहीं छोड़तीं और विमान के इंजन की गर्मी (Heat-seeking) का पीछा करती हैं, जिससे इन्हें पकड़ना मुश्किल होता है।