रूस की एक अदालत ने विपक्षी नेता लेव श्लोसबर्ग को यूक्रेन युद्ध के खिलाफ बोलने के लिए 11 साल और एक महीने की सजा सुनाई है। यह फैसला आगामी संसदीय चुनावों से पहले क्रेमलिन द्वारा असहमति को दबाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
- लेव श्लोसबर्ग को 'सेना को बदनाम करने' और 'गलत जानकारी' फैलाने के आरोप में 11 साल की सजा।
- श्लोसबर्ग 'यब्लोको' पार्टी के उपाध्यक्ष हैं, जो रूस की एकमात्र आधिकारिक पार्टी है जो युद्ध का विरोध करती है।
- यह सजा आगामी संसदीय चुनावों से ठीक पहले रूसी विपक्ष पर बढ़ते दबाव को दर्शाती है।
रूस की एक अदालत ने सोमवार को प्रमुख विपक्षी राजनीतिज्ञ लेव श्लोसबर्ग को यूक्रेन में जारी युद्ध के खिलाफ बोलने का दोषी पाया और उन्हें 11 साल और एक महीने के कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला उस समय आया है जब रूस अगले महीने होने वाले संसदीय चुनावों की तैयारी कर रहा है और सरकार किसी भी प्रकार के विरोध को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
63 वर्षीय श्लोसबर्ग, जो यब्लोको (Yabloko) पार्टी के उपाध्यक्ष हैं, ने 2016 से 2021 तक प्सकोव के क्षेत्रीय विधायिका में अपनी सेवाएं दी थीं। उन पर आरोप है कि उन्होंने रूसी सेना को 'बदनाम' किया और उसके बारे में 'झूठी जानकारी' फैलाई। श्लोसबर्ग ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है।
यह मामला एक बहस से जुड़ा है जिसमें उन्होंने युद्ध समाप्त करने की अपील की थी। इसके अलावा, उन्होंने अपने टेलीग्राम चैनल पर एक ब्रिटिश टैब्लॉइड का फ्रंट पेज साझा किया था, जिसमें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तस्वीर के साथ एक खून से लथपथ महिला को दिखाया गया था और शीर्षक था, "उसका खून... उसके हाथ।"
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि श्लोसबर्ग की सजा केवल एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह रूसी समाज के लिए एक चेतावनी है। क्रेमलिन अब उन लोगों को भी निशाना बना रहा है जो औपचारिक राजनीतिक ढांचे के भीतर रहकर शांति की बात कर रहे हैं। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि आगामी चुनावों में कोई भी प्रभावी विपक्षी आवाज न उठे।
"यह सजा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का खुला उल्लंघन है और शांति की अपील करने वालों के खिलाफ एक क्रूर प्रतिशोध है।"
अदालत में अपने अंतिम बयान में, श्लोसबर्ग ने कहा कि पिछले 30 वर्षों में रूस स्वतंत्रता की उम्मीदों से हटकर नागरिक अधिकारों के लगभग पूर्ण विनाश की ओर बढ़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब यूक्रेन युद्ध में वास्तविक मौतों का आंकड़ा सामने आएगा, तो पूरा देश कांप उठेगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इस फैसले की कड़ी निंदा की है। संगठन की पूर्वी यूरोप और मध्य एशिया निदेशक मैरी स्ट्रुथर्स ने मांग की है कि श्लोसबर्ग को तुरंत और बिना शर्त रिहा किया जाए और उन कानूनों को निरस्त किया जाए जो शांतिपूर्ण युद्ध-विरोधी भाषण को अपराध मानते हैं।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: लेव श्लोसबर्ग को किस आरोप में सजा हुई?
उत्तर: उन्हें रूसी सेना को बदनाम करने और उसके बारे में गलत जानकारी फैलाने के आरोप में सजा सुनाई गई है।
प्रश्न 2: यब्लोको पार्टी का इस मामले में क्या स्टैंड है?
उत्तर: पार्टी ने इस सजा को 'क्रूर' बताया है और कहा है कि श्लोसबर्ग ने केवल मातृभूमि के प्रति प्रेम और युद्धविराम की अपील की थी। पार्टी इस फैसले के खिलाफ अपील करेगी।