अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सैन्य अभ्यासों को 'अनुचित' बताने के बाद, दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने अपने संयुक्त 'उलची फ्रीडम शील्ड' अभ्यास की अवधि कम करने का निर्णय लिया है।
- ट्रंप ने सैन्य अभ्यासों को 'अनुचित और शत्रुतापूर्ण' बताते हुए उन्हें कम करने का निर्देश दिया।
- 'उलची फ्रीडम शील्ड' अभ्यास अब 27 अगस्त के बजाय इस शुक्रवार को समाप्त हो जाएगा।
- ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ अच्छे संबंधों और ईरान के खिलाफ युद्ध में दक्षिण कोरिया के रुख का हवाला दिया।
सियोल: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया हस्तक्षेप के बाद, दक्षिण कोरिया और संयुक्त राज्य अमेरिका के सैन्य बलों ने अपने वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास की अवधि को कम करने पर सहमति व्यक्त की है। बुधवार को दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने पुष्टि की कि दोनों देशों ने 'उलची फ्रीडम शील्ड' (Ulchi Freedom Shield) नामक इस महत्वपूर्ण अभ्यास को संक्षिप्त करने का निर्णय लिया है।
यह निर्णय तब लिया गया है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पेंटागन प्रमुख को इन अभ्यासों को 'काफी हद तक कम करने' का आदेश दिया था। ट्रंप ने इन युद्धाभ्यासों को 'अनुचित और शत्रुतापूर्ण' करार दिया है। उन्होंने अपने इस फैसले के पीछे उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ अपने बेहतर संबंधों और ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध में दक्षिण कोरिया की भागीदारी न करने का तर्क दिया है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह घटनाक्रम?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ट्रंप का यह कदम दशकों पुराने अमेरिका-दक्षिण कोरिया गठबंधन की नींव को हिला सकता है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अभ्यासों में कटौती से क्षेत्र में संयुक्त सैन्य तत्परता कम हो सकती है, जिससे उत्तर कोरियाई आक्रामकता के खिलाफ दोनों देशों की जवाबी क्षमता प्रभावित होने का खतरा है।
सैन्य अभ्यासों में अचानक कटौती क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को अस्थिर कर सकती है और गठबंधन पर भरोसे की कमी पैदा कर सकती है।
उलची फ्रीडम शील्ड मुख्य रूप से एक कंप्यूटर-सिम्युलेटेड कमांड पोस्ट अभ्यास है, जिसका उद्देश्य उत्तर कोरिया जैसे क्षेत्रीय खतरों से निपटने की क्षमता को बढ़ाना है। हालांकि, ट्रंप के आदेश के बाद, दोनों देशों ने कुछ संयुक्त फील्ड प्रशिक्षण अभ्यासों के आकार को भी छोटा करने का निर्णय लिया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच सुरक्षा संबंध 1950-53 के कोरियाई युद्ध के बाद से बने हुए हैं। ये सैन्य अभ्यास इस गठबंधन के मुख्य स्तंभ रहे हैं, लेकिन उत्तर कोरिया ने हमेशा इन्हें युद्ध की तैयारी बताकर इसकी आलोचना की है। उत्तर कोरिया की राज्य समाचार एजेंसी KCNA ने इन अभ्यासों को 'अत्यंत खतरनाक' बताते हुए इन्हें विफल करने की चेतावनी दी है।
ट्रंप और किम जोंग उन के बीच 2018-2019 के दौरान तीन बार मुलाकात हुई थी, लेकिन प्रतिबंधों में राहत और परमाणु निरस्त्रीकरण जैसे मुद्दों पर असहमति के कारण यह कूटनीति विफल हो गई थी।
Frequently Asked Questions
1. ट्रंप ने सैन्य अभ्यास कम करने का आदेश क्यों दिया?
ट्रंप ने किम जोंग उन के साथ संबंधों को बेहतर बनाने और दक्षिण कोरिया के ईरान के प्रति रुख का हवाला देते हुए इसे 'अनुचित' बताया।
2. इस कटौती का क्या प्रभाव पड़ेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दोनों देशों की संयुक्त सैन्य तत्परता और क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो सकती है।