हाल ही में लीक हुए ईमेल से पता चला है कि अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों (ICE) ने ईरान के साथ मिलकर निर्वासन उड़ानों का प्रबंधन किया, जिससे ट्रंप प्रशासन के दावों पर सवाल उठ रहे हैं।

  • लीक हुए ईमेल दिखाते हैं कि ICE और ईरानी दूतावास के बीच निर्वासन सूचियों में बदलाव के लिए सीधा संपर्क था।
  • ईरानी अधिकारियों ने कुछ विशिष्ट व्यक्तियों को वापस भेजने के लिए अंतिम समय में बदलाव करने का अनुरोध किया था।
  • यह सहयोग उस समय भी जारी रहा जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई थी।

हाल ही में सार्वजनिक किए गए सैकड़ों ईमेल ने अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) और ईरानी सरकार के बीच एक गुप्त और कामकाजी संबंध का खुलासा किया है। नेशनल इरानी अमेरिकन काउंसिल द्वारा प्राप्त ये दस्तावेज़ दर्शाते हैं कि कैसे दोनों देशों ने मिलकर 2025 और 2026 के बीच तीन अलग-अलग निर्वासन उड़ानों के माध्यम से 100 से अधिक ईरानियों को वापस भेजने की व्यवस्था की थी।

इन ईमेलों से पता चलता है कि ईरानी अधिकारियों का इस बात पर काफी प्रभाव था कि किन ईरानी प्रवासियों को वापस भेजा जाए। एक अज्ञात ICE अधिकारी ने अगस्त के अंत में लिखा था, "ईरानी दूतावास के अनुरोध पर मैंने कुछ मामले जोड़ दिए हैं।" यह खुलासा उस समय हुआ है जब अमेरिकी प्रशासन का दावा था कि वह ईरान के दमनकारी शासन से नागरिकों को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटनाक्रम अमेरिकी विदेश नीति और मानवाधिकारों के बीच के विरोधाभास को उजागर करता है। एक तरफ अमेरिका ईरान को एक शत्रु देश मानता है, वहीं दूसरी ओर, निर्वासन की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए उसके अधिकारियों ने सीधे तौर पर ईरानी राजनयिकों के साथ समन्वय किया। यह संबंध दशकों पुरानी अमेरिकी नीति—जो ईरानी असंतुष्टों और शरणार्थियों को आश्रय देती थी—से एक बड़ा विचलन है।

ईरानी दूतावास द्वारा निर्वासन सूचियों में हस्तक्षेप करना मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन और राजनीतिक हेरफेर का संकेत देता है।

ईमेल यह भी बताते हैं कि यह समन्वय तब भी जारी रहा जब जून 2025 में अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान के साथ 12 दिनों का भीषण युद्ध चल रहा था। अधिकारियों ने युद्ध की स्थिति के बावजूद निर्वासन उड़ानों को उच्च प्राथमिकता दी। कुछ मामलों में, कतर के अधिकारियों के माध्यम से भी संचार किया गया, जिन्होंने दोहा के माध्यम से इन उड़ानों को चार्टर करने में मदद की।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक ईमेल में एक ऐसे ईरानी व्यक्ति के विमान पर चढ़ जाने की बात स्वीकार की गई है, जिसका नाम अंतिम सूची (manifest) में शामिल नहीं था। एक अधिकारी ने लिखा, "मुझे नहीं पता कि वह व्यक्ति विमान पर कैसे पहुंच गया।"

Did You Know?: ऐतिहासिक रूप से, अमेरिका ने 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान से भागने वाले राजनीतिक dissidents को शरण देने की एक लंबी परंपरा रखी है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या ईरानी अधिकारियों ने निर्वासन सूची को प्रभावित किया?
हाँ, लीक हुए ईमेल स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि ईरानी दूतावास ने विशिष्ट व्यक्तियों को शामिल करने के लिए ICE अधिकारियों से अनुरोध किया था।

प्रश्न 2: क्या यह सहयोग युद्ध के दौरान भी जारी रहा?
जी हाँ, जून 2025 के संघर्ष के दौरान भी निर्वासन उड़ानों का समन्वय उच्च स्तर पर जारी था।