पाकिस्तान सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल के बजाय सरकारी PIMS अस्पताल ले जाने के लिए पीटीआई कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है। इस घटना ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के उल्लंघन को लेकर नया राजनीतिक संकट पैदा कर दिया है।
- सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को निजी अस्पताल शिफा में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था।
- सरकार का दावा है कि पीटीआई कार्यकर्ताओं की भीड़ के कारण खान को PIMS ले जाना पड़ा।
- खान की बहन उजमा खान ने सरकार पर अदालत के आदेश की अवहेलना करने का आरोप लगाया है।
- जेल अधिकारियों के अनुसार, खान की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार हुआ है।
इस्लामाबाद में राजनीतिक तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। पाकिस्तान सरकार ने शनिवार को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के चिकित्सा परीक्षण के दौरान हुए घटनाक्रम पर अपनी पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) को कटघरे में खड़ा किया है। विवाद तब शुरू हुआ जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद, खान को निजी शिफा इंटरनेशनल अस्पताल के बजाय सरकारी पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले जाया गया।
सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तारर ने स्पष्ट रूप से कहा कि शिफा अस्पताल के बाहर पीटीआई कार्यकर्ताओं की भारी मौजूदगी और उनके द्वारा बनाए गए अवरोधों के कारण अधिकारियों के पास खान को PIMS ले जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। सरकार का तर्क है कि पीटीआई ने जानबूझकर भीड़ जमा करके कोर्ट के आदेश की भावना का उल्लंघन किया है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह विवाद?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल एक अस्पताल के स्थानांतरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तान के न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच बढ़ते संघर्ष का प्रतीक है। सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को आदेश दिया था कि खान को अडियाला जेल से निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए, लेकिन प्रक्रिया का तरीका अब कानूनी और राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
अदालती आदेशों का पालन न होना पाकिस्तान की लोकतांत्रिक संस्थाओं के बीच गहरे अविश्वास को दर्शाता है।
इमरान खान की बहन, उजमा खान ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सरकार और वरिष्ठ अधिकारियों पर आदेश की अवहेलना करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, मंत्री तारर ने बचाव करते हुए कहा कि चिकित्सा परीक्षण पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया और शिफा अस्पताल के डॉक्टर भी वहां मौजूद थे। उन्होंने यह भी कहा कि खान की सेहत को लेकर जो भी बयान दिए जा रहे हैं, वे राजनीति को दूषित करने की कोशिश हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
73 वर्षीय इमरान खान 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में विभिन्न कानूनी मामलों के कारण बंद हैं। पिछले कुछ महीनों से उनकी बिगड़ती सेहत, विशेष रूप से उनकी आंखों की स्थिति (Retinal Vein Occlusion) को लेकर उनके समर्थकों ने निरंतर चिंता जताई है। जेल अधिकारियों ने अदालत को सूचित किया है कि उनकी दृष्टि अब लगभग सामान्य है, हालांकि समर्थक इसे पर्याप्त नहीं मानते।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान के लिए क्या आदेश दिया था?
उत्तर: अदालत ने आदेश दिया था कि खान को अडियाला जेल से शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया जाए और अगली सुनवाई तक वहीं रखा जाए।
प्रश्न 2: सरकार ने PIMS अस्पताल चुनने का क्या कारण बताया?
उत्तर: सरकार का दावा है कि पीटीआई कार्यकर्ताओं की भीड़ और रास्ते में बाधाओं के कारण सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें PIMS ले जाना पड़ा।