इंडोनेशिया सरकार ने बोर्नियो में फैल रही भीषण जंगलों की आग और बढ़ते स्मॉग से निपटने के लिए 1,500 अतिरिक्त सैनिकों को तैनात करने का आदेश दिया है। एल नीनो के प्रभाव के कारण अब तक 2,00,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि जलकर राख हो चुकी है।
- बोर्नियो में आग से 2,00,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि प्रभावित हुई है।
- राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने 1,500 अतिरिक्त सैनिकों और 6 हेलीकॉप्टरों की तैनाती का आदेश दिया है।
- एल नीनो की वजह से सूखे की स्थिति बनी हुई है, जिससे आग का खतरा बढ़ गया है।
- धुएं और स्मॉग के कारण मलेशिया के कुछ हिस्सों में भी हवा की गुणवत्ता 'अस्वस्थ' हो गई है।
इंडोनेशिया के बोर्नियो द्वीप पर जंगल की आग ने विनाशकारी रूप ले लिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, इंडोनेशियाई सरकार ने क्षेत्र में 1,500 अतिरिक्त सैनिकों को भेजने का निर्णय लिया है। यह कदम उन इलाकों में मदद करने के लिए उठाया गया है जहाँ आग ने वनस्पतियों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है और घना स्मॉग पैदा कर दिया है, जिससे स्थानीय निवासियों का सांस लेना मुश्किल हो गया है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष जनवरी से जुलाई के बीच कम से कम 2,00,000 हेक्टेयर (लगभग 4,95,000 एकड़) भूमि जल चुकी है। यह क्षेत्रफल जकार्ता राजधानी के आकार से तीन गुना बड़ा है। इस भीषण सूखे का मुख्य कारण शक्तिशाली एल नीनो (El Nino) मौसम पैटर्न है, जिसने द्वीप पर अत्यधिक शुष्क परिस्थितियां पैदा कर दी हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह संकट केवल स्थानीय नहीं बल्कि क्षेत्रीय है। बोर्नियो के जलने से उत्पन्न धुआं अब सीमाओं को पार कर रहा है। मलेशिया के सारावाक राज्य के छह क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता 'अस्वस्थ' दर्ज की गई है, जो इस बात का संकेत है कि जलवायु संकट किस तरह अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को प्रभावित करता है।
एल नीनो और जलवायु परिवर्तन का संयोजन इंडोनेशिया के वर्षावनों के लिए एक घातक मिश्रण साबित हो रहा है।
राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने शनिवार को क्षेत्र का दौरा करने के दौरान अतिरिक्त सैन्य तैनाती का आदेश दिया। कैबिनेट सचिव टेडी इंद्रा विजया ने पुष्टि की कि तीन अतिरिक्त इंडोनेशियाई राष्ट्रीय सशस्त्र बल बटालियनें कलिकांतन (Kalimantan) में भेजी जा रही हैं। इसके साथ ही, पानी गिराने (waterbombing) के कार्यों को तेज करने के लिए 6 हेलीकॉप्टर भी तैनात किए जा रहे हैं।
ऐतिहासिक संदर्भ
इंडोनेशिया पहले भी भीषण आग का सामना कर चुका है। 2015 में एक अत्यंत शक्तिशाली एल नीनो के दौरान आग का दायरा वर्तमान से कहीं अधिक था। हालांकि, 2019 और 2023 की तुलना में इस वर्ष की आग का प्रसार पहले ही काफी बढ़ चुका है। जलवायु परिवर्तन इन प्राकृतिक घटनाओं की तीव्रता को और अधिक बढ़ा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. आग का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारण एल नीनो का प्रभाव है, जो इंडोनेशिया में सूखे की स्थिति पैदा करता है, जिससे जंगल आसानी से आग पकड़ लेते हैं।
2. क्या इसका असर पड़ोसी देशों पर भी पड़ रहा है?
हाँ, धुएं और स्मॉग के कारण मलेशिया के सारावाक राज्य में वायु गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।