विशाखापत्तनम में आयोजित ब्रिक्स युवा मंत्रियों की बैठक में एक महत्वपूर्ण संयुक्त घोषणापत्र अपनाया गया, जो शिक्षा, उद्यमिता और तकनीकी नवाचार पर केंद्रित है। केंद्रीय मंत्री Mansukh Mandaviya ने युवाओं को केवल लाभार्थी नहीं बल्कि विकास में सक्रिय भागीदार बनाने पर जोर दिया।
- ब्रिक्स देशों ने युवाओं के सशक्तिकरण के लिए एक व्यापक संयुक्त घोषणापत्र अपनाया।
- केंद्रीय मंत्री Mansukh Mandaviya ने 2047 के विजन के तहत 1 लाख गैर-राजनीतिक युवा नेताओं को तैयार करने का लक्ष्य रखा।
- 'MY Bharat' प्लेटफॉर्म पर अब तक 2.5 करोड़ से अधिक युवा पंजीकृत हो चुके हैं।
- बैठक का मुख्य केंद्र शिक्षा, कौशल, उद्यमिता और पर्यावरण स्थिरता रहा।
विशाखापत्तनम में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) युवा मंत्रियों की बैठक शनिवार को एक महत्वपूर्ण संयुक्त घोषणापत्र के साथ संपन्न हुई। इस घोषणापत्र के माध्यम से सदस्य देशों ने युवा सहयोग को गहरा करने और विकास प्रक्रियाओं में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। यह बैठक भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित महत्वपूर्ण युवा-केंद्रित कार्यक्रमों की श्रृंखला का समापन है।
युवाओं को 'भागीदार' बनाने का नया दृष्टिकोण
बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री Mansukh Mandaviya ने भारत के दृष्टिकोण को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य युवाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें विकास का सक्रिय भागीदार बनाना है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण बदलाव का आह्वान किया: "युवा भागीदारी से युवा साझेदारी की ओर; परामर्श से सह-निर्माण की ओर; और युवाओं के लिए कार्यक्रमों से लेकर युवाओं के साथ मिलकर बनाए गए प्लेटफार्मों की ओर।"
मंत्री Mandaviya ने भारत के 2047 के विजन डॉक्यूमेंट का भी उल्लेख किया, जिसके तहत बिना राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले 1,00,000 युवा नेताओं को तैयार करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने 'MY Bharat' प्लेटफॉर्म की सफलता को साझा करते हुए बताया कि इसमें 2.5 करोड़ से अधिक युवा पहले ही जुड़ चुके हैं।
प्रमुख स्तंभ और वैश्विक प्रभाव
अपनाया गया संयुक्त घोषणापत्र कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को कवर करता है, जिनमें शिक्षा और कौशल, युवा उद्यमिता, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, खेल और पर्यावरणीय स्थिरता शामिल हैं। यह घोषणापत्र न केवल आर्थिक विकास बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक भागीदारी को भी बढ़ावा देने का मार्ग प्रशस्त करता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ब्रिक्स देशों के बीच यह समन्वय वैश्विक दक्षिण (Global South) के युवाओं के लिए नए आर्थिक अवसर खोल सकता है। डिजिटल कौशल और उद्यमिता पर ध्यान केंद्रित करके, ये देश भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था में युवाओं की भूमिका को निर्णायक बना रहे हैं।
युवाओं को केवल नीति का विषय नहीं, बल्कि नीति निर्माता के रूप में देखना ही भविष्य की असली ताकत है।
बैठक के दौरान, श्री Mandaviya ने दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। इन वार्ताओं में कौशल विकास, उद्यमिता और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) का विस्तार अब वैश्विक भू-राजनीति में एक महत्वपूर्ण शक्ति बन गया है। भारत की 2026 की अध्यक्षता के तहत, 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' थीम पर आधारित यह बैठक वैश्विक युवा नेतृत्व को एक नई दिशा देने का प्रयास है।
Frequently Asked Questions
1. ब्रिक्स युवा मंत्रियों की बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच युवा सहयोग को गहरा करना और विकास के कार्यों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था।
2. संयुक्त घोषणापत्र में किन विषयों को शामिल किया गया है?
इसमें शिक्षा, उद्यमिता, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, खेल और पर्यावरण स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।