अमेरिकी प्रतिबंधों के बढ़ते दबाव के बीच ईरान की मुद्रा रियाल ने रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की है। अनौपचारिक बाजार में 1 अमेरिकी डॉलर अब 20 लाख रियाल के बराबर पहुंच गया है, जिससे देश में महंगाई का संकट गहराने की आशंका है।
- ईरानी रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरा।
- अनौपचारिक बाजार में 1 डॉलर की कीमत 20.2 लाख रियाल तक पहुंच गई।
- अमेरिका द्वारा नई और सख्त आर्थिक पाबंदियों की घोषणा से संकट और गहराने की आशंका।
- यूएई ने ईरान के साथ सभी व्यापारिक संबंध निलंबित कर दिए हैं।
ईरान की अर्थव्यवस्था इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। अमेरिकी प्रतिबंधों और निरंतर जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण ईरानी रियाल (Iranian Rial) ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, अनौपचारिक मुद्रा बाजार में 1 अमेरिकी डॉलर की कीमत 20.2 लाख रियाल को पार कर गई है, जबकि केंद्रीय बैंक की आधिकारिक दर लगभग 15 लाख रियाल प्रति डॉलर है।
आर्थिक संकट का गहराता जाल
यह मुद्रा अवमूल्यन ऐसे समय में हुआ है जब वाशिंगटन प्रशासन 'इकोनॉमिक डी-डे' के रूप में नई और बेहद सख्त आर्थिक पाबंदियों की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिकी नीतियों ने ईरान की अर्थव्यवस्था को उस स्तर पर पहुंचा दिया है जहाँ रियाल का मूल्य और महंगाई दर ऐतिहासिक रूप से अनियंत्रित हो गई है।
अमेरिकी प्रतिबंधों का उद्देश्य ईरान की आर्थिक रीढ़ को तोड़ना है, जिससे वहां की शासन व्यवस्था पर दबाव बढ़े।
ईरान पहले से ही दोहरे अंकों वाली महंगाई और नकारात्मक आर्थिक विकास दर से जूझ रहा था। फरवरी में अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते तनाव ने इस स्थिति को और भयावह बना दिया है। पिछले छह महीनों से जारी युद्ध और समुद्री नाकेबंदी ने देश के राजस्व स्रोतों को बुरी तरह प्रभावित किया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक प्रभाव
BozokMedia analysis shows कि ईरान की आर्थिक स्थिति का सीधा संबंध वैश्विक तेल आपूर्ति से है। ईरान अभी भी होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर अपनी पकड़ बनाए हुए है, जो दुनिया के तेल व्यापार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। युद्ध की स्थिति में इस मार्ग पर होने वाली किसी भी हलचल से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मच सकती है।
इस बीच, ओमान और ईरान के बीच जलमार्ग के संयुक्त प्रबंधन को लेकर बातचीत चल रही है, लेकिन अमेरिका ने ओमान को भी चेतावनी दी है कि वह ईरान के साथ किसी भी प्रकार के सहयोग में बाधा न डाले।
व्यापारिक संबंधों का टूटना
ईरान के लिए एक बड़ा झटका तब लगा जब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान के साथ अपने सभी व्यापारिक संबंधों को निलंबित करने की घोषणा की। यूएई लंबे समय से ईरान का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार और वित्तीय केंद्र रहा है। इस फैसले से ईरान के आयात और निर्यात पर गहरा असर पड़ेगा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: ईरानी रियाल के गिरने का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: मुख्य कारण अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े आर्थिक प्रतिबंध और निरंतर जारी भू-राजनीतिक युद्ध है।
प्रश्न 2: यूएई द्वारा व्यापार निलंबित करने का क्या प्रभाव होगा?
उत्तर: इससे ईरान के लिए आवश्यक वस्तुओं का आयात कठिन हो जाएगा और उसकी अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होगा।