पाकिस्तान की विपक्षी पार्टी पीटीआई ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए तत्काल हृदय संबंधी उपचार की मांग की है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि सरकारी अस्पताल में जानबूझकर उनके महत्वपूर्ण हृदय परीक्षण को रोका गया।
- पीटीआई ने इमरान खान के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में तत्काल हृदय देखभाल की मांग की है।
- आरोप है कि PIMS अस्पताल में आवश्यक CT कोरोनरी एंजियोग्राफी नहीं की गई।
- प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की है।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने मांग की है कि खान को तत्काल इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए ताकि उन्हें आवश्यक हृदय संबंधी देखभाल मिल सके।
पीटीआई के केंद्रीय सूचना सचिव, शेख वकास अकरम ने रविवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि अधिकारियों ने 73 वर्षीय इमरान खान को वह आवश्यक नैदानिक परीक्षण (Diagnostic Test) प्रदान करने में विफल रहे, जिसकी डॉक्टरों ने सिफारिश की थी। पीटीआई का आरोप है कि पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) में कार्यात्मक CT स्कैनर होने के बावजूद, खान का CT कोरोनरी एंजियोग्राफी (CTA) नहीं किया गया।
क्यों यह मामला महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं है, बल्कि पाकिस्तान की राजनीति में एक गहरा संकट है। इमरान खान की उम्र और उनकी जेल में एकांत कारावास की स्थिति को देखते हुए, हृदय संबंधी जटिलताओं का जोखिम काफी बढ़ गया है। यदि समय पर उपचार नहीं मिलता है, तो इसके गंभीर राजनीतिक और मानवीय परिणाम हो सकते हैं।
इमरान खान के स्वास्थ्य की अनदेखी करना केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया राजनीतिक उत्पीड़न हो सकता है।
विपक्षी दल का दावा है कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही खान के व्यापक चिकित्सा परीक्षण के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल का निर्देश दिया था, लेकिन अधिकारियों ने इस आदेश की अनदेखी की। पीटीआई ने सवाल उठाया कि खान को जानबूझकर ऐसे अस्पताल में क्यों ले जाया गया जहाँ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं, जबकि शिफा अस्पताल में ये सुविधाएं मौजूद हैं।
घटनाक्रम के अनुसार, इमरान खान को 21 अगस्त को आंखों की जांच और अन्य परीक्षणों के लिए PIMS ले जाया गया था। हृदय रोग विशेषज्ञों ने उनके रक्तचाप में उतार-चढ़ाव और घबराहट को देखते हुए CTA की सिफारिश की थी, लेकिन उन्हें बिना परीक्षण के वापस अड़ियाला जेल भेज दिया गया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
इमरान खान को अगस्त 2023 में भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया था। तब से वे अड़ियाला जेल में हिरासत में हैं। उनके खिलाफ दर्ज विभिन्न कानूनी मामलों और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार संगठनों का ध्यान आकर्षित किया है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: पीटीआई इमरान खान के लिए किस अस्पताल की मांग कर रही है?
उत्तर: पीटीआई ने इमरान खान के लिए तत्काल शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में उपचार की मांग की है।
प्रश्न 2: सरकार ने इस मामले में क्या कदम उठाया है?
उत्तर: प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है।