सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशार अल-असद के शासनकाल के दौरान हिंसा भड़काने और हत्याओं को जायज ठहराने के दोषी पाए जाने पर ग्रैंड मुफ्ती अहमद हसन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
- ग्रैंड मुफ्ती अहमद हसन को हिंसा भड़काने और पद के दुरुपयोग के लिए उम्रकैद मिली।
- दमिश्क की चौथी आपराधिक अदालत ने सोमवार को यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया।
- हसन पर अल-असद शासन के दौरान युद्ध अपराधों को धार्मिक वैधता देने का आरोप था।
दमिश्क की चौथी आपराधिक अदालत ने सोमवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए, सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशार अल-असद के शासनकाल के दौरान एक प्रमुख धार्मिक अधिकारी, अहमद बदरेद्दीन हसन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हसन, जिन्हें उनके आलोचकों द्वारा 'बैरल बम मुफ्ती' के रूप में जाना जाता था, को सीरिया के लगभग 14 वर्षों के गृहयुद्ध के दौरान किए गए अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया है।
अदालत ने हसन को हिंसा भड़काने, हत्याओं को धार्मिक रूप से उचित ठहराने और अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करने सहित कई गंभीर अपराधों का दोषी पाया। हसन, जो 2005 से 2021 तक सीरिया के ग्रैंड मुफ्ती रहे, पर आरोप था कि उन्होंने अल-असद शासन की क्रूरता और हवाई हमलों (विशेष रूप से बैरल बमों के उपयोग) को धार्मिक आधार प्रदान किया, जिससे नागरिक आबादी पर होने वाले अत्याचारों को वैधता मिली।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
सीरियाई गृहयुद्ध, जो 2011 में शुरू हुआ था, ने देश को विनाश की कगार पर धकेल दिया था। इस दौरान, धार्मिक संस्थानों का उपयोग अक्सर सरकार के पक्ष में प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए किया गया। अहमद हसन जैसे उच्च पदस्थ अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण थी, क्योंकि उनके बयानों का उपयोग युद्ध के मैदान में हिंसा को 'पवित्र' या 'आवश्यक' के रूप में चित्रित करने के लिए किया गया था।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यह फैसला सीरिया में न्याय और जवाबदेही की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल एक व्यक्ति की सजा है, बल्कि यह उन धार्मिक संस्थाओं के लिए एक चेतावनी भी है जो युद्ध अपराधों को छिपाने के लिए धर्म का उपयोग करती हैं। यह फैसला भविष्य में युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार धार्मिक नेताओं की जवाबदेही तय करने के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है।
धार्मिक नेताओं द्वारा हिंसा को वैधता प्रदान करना युद्ध अपराधों की गंभीरता को कई गुना बढ़ा देता है।
हसन की गिरफ्तारी की कहानी भी नाटकीय रही। मार्च 2025 में, महीनों तक छिपने के बाद, उन्हें दमिश्क हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया था। उनका मुकदमा 25 जून को शुरू हुआ था, जिसने सीरियाई समाज में भारी उत्सुकता पैदा की थी।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: अहमद हसन को किन मुख्य आरोपों में दोषी पाया गया?
उत्तर: उन्हें हिंसा भड़काने, हत्याओं को न्यायसंगत ठहराने और अपने धार्मिक पद का दुरुपयोग करने का दोषी पाया गया।
प्रश्न 2: हसन को 'बैरल बम मुफ्ती' क्यों कहा जाता है?
उत्तर: क्योंकि उन्होंने अल-असद शासन द्वारा नागरिक क्षेत्रों पर बैरल बम गिराने की कार्रवाई को धार्मिक समर्थन देने की कोशिश की थी।