यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने रूस के बढ़ते मिसाइल हमलों के बीच अपने यूरोपीय सहयोगियों से तत्काल हवाई रक्षा प्रणालियों की मांग की है। कीव में आयोजित इस 'कोएलिशन ऑफ द विलिंग' बैठक का उद्देश्य रक्षा आपूर्ति में कमी को दूर करना है।

  • रूस के बढ़ते मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच कीव में 'कोएलिशन ऑफ द विलिंग' की बैठक।
  • राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने सर्दियों से पहले कम से कम 300 पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की मांग की है।
  • यूके, फ्रांस और जर्मनी इस महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे।
  • रूस और यूक्रेन के बीच ड्रोन हमलों में भारी वृद्धि हुई है, जिससे नागरिक क्षेत्रों को नुकसान हो रहा है।

यूक्रेन की राजधानी कीव में सोमवार को एक अत्यंत महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जहाँ यूक्रेन के प्रमुख यूरोपीय सहयोगी देश देश की सुरक्षा स्थिति, विशेष रूप से हवाई रक्षा (Air Defence) की कमी पर चर्चा करने के लिए एकत्रित हुए हैं। रूस द्वारा लगातार किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों ने यूक्रेन की रक्षा क्षमताओं को गंभीर चुनौती दी है, जिससे नागरिक आबादी को भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है।

इस बैठक को 'कोएलिशन ऑफ द विलिंग' (Coalition of the Willing) के रूप में जाना जा रहा है, जिसकी सह-अध्यक्षता यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और जर्मनी के नेता करेंगे। बैठक में कई यूरोपीय नेता वीडियो कॉल के माध्यम से जुड़ेंगे, जबकि कुछ प्रमुख गणमान्य व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेंगे। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नम की कीव की यह पहली विदेश यात्रा है, जो इस सम्मेलन के महत्व को रेखांकित करती है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यूक्रेन के लिए यह बैठक केवल सैन्य सहायता के बारे में नहीं है, बल्कि यह आने वाली सर्दियों में देश के अस्तित्व की लड़ाई है। यदि हवाई रक्षा प्रणालियों की कमी बनी रहती है, तो रूसी मिसाइलें यूक्रेन के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और नागरिक क्षेत्रों को और अधिक नुकसान पहुंचा सकती हैं।

ज़ेलेंस्की ने चेतावनी दी है कि पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की आपूर्ति 2023 की तुलना में आधी रह गई है, जो सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।

राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने सार्वजनिक रूप से बार-बार सहयोगियों से और अधिक हवाई रक्षा आपूर्ति की अपील की है। उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि 2023 में यूक्रेन को 675 मिसाइलें मिली थीं, जबकि 2025 में यह संख्या घटकर 364 रह गई। वर्तमान अनुमानों के अनुसार, 2026 में यह केवल 264 रह सकती है, जबकि यूक्रेन को सर्दियों के लिए कम से कम 300 मिसाइलों के पैकेज की आवश्यकता है।

दूसरी ओर, युद्ध का दायरा भी बढ़ रहा है। यूक्रेन ने रूसी लॉजिस्टिक्स साइटों, जैसे कि ई-कॉमर्स दिग्गज Wildberries और Ozon के गोदामों को निशाना बनाया है। इसके जवाब में, रूस ने भी यूक्रेन के नागरिक क्षेत्रों पर हमले तेज कर दिए हैं। हाल ही में खार्किव क्षेत्र में एक रूसी ड्रोन हमले में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि रूस के क्रास्नोडार में एक ड्रोन हमले के मलबे से दो बच्चों की जान चली गई।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

यूक्रेन की स्वतंत्रता के इस दौर में, यह संघर्ष अब केवल सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा है। रूस और यूक्रेन दोनों ही एक-दूसरे के भीतर गहरे हमलों का सहारा ले रहे हैं, जिससे युद्ध का स्वरूप और अधिक विनाशकारी होता जा रहा है।

Did You Know?: नॉर्वे ने यूक्रेन को समर्थन देने के लिए 2027 तक 85 बिलियन क्रोनर ($9.1bn) की अतिरिक्त सहायता देने का वादा किया है।

Frequently Asked Questions

1. यूक्रेन को किस प्रकार की हवाई रक्षा प्रणाली की सबसे अधिक आवश्यकता है?
यूक्रेन को मुख्य रूप से पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की आवश्यकता है ताकि रूसी मिसाइल हमलों को रोका जा सके।

2. 'कोएलिशन ऑफ द विलिंग' बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य यूक्रेन को हवाई रक्षा प्रset प्रणाली प्रदान करना और रूस पर अधिक दबाव बनाना है।