गिनी के राष्ट्रपति मामादी डौम्बौया ने 'भगोड़ेपन' के आरोप में 173 सैनिकों को पद से हटा दिया है, जिसमें उनके तख्तापलट के प्रमुख सहयोगी कर्नल मिशेल लामा भी शामिल हैं।

  • राष्ट्रपति डौम्बौया ने 173 सैनिकों को बर्खास्त करने का आदेश दिया है।
  • कर्नल मिशेल लामा, जिन्होंने 2021 के तख्तापलट में मदद की थी, बर्खास्त किए गए सैनिकों में शामिल हैं।
  • यह कदम राष्ट्रपति द्वारा अपनी सत्ता को और अधिक मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

पश्चिम अफ्रीकी देश गिनी में राजनीतिक अस्थिरता के बीच एक बड़ा सैन्य फेरबदल देखने को मिला है। 41 वर्षीय राष्ट्रपति मामादी डौम्बौया ने एक आधिकारिक डिक्री के माध्यम से 173 से अधिक सैनिकों को बर्खास्त कर दिया है। इन बर्खास्त सैनिकों में कर्नल मिशेल लामा भी शामिल हैं, जो डौम्बौया के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक माने जाते थे और जिन्होंने 2021 के सैन्य तख्तापलट के दौरान उनकी मदद की थी।

राज्य टेलीविजन पर जारी इस डिक्री में सैनिकों पर 'भगोड़ेपन' (desertion) का आरोप लगाया गया है। हालांकि, राष्ट्रपति के प्रवक्ता जनरल अमार कैमारा ने इन सैनिकों के भगोड़े होने की परिस्थितियों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। कर्नल लामा, जो डौम्बौया की कमांड वाली विशिष्ट विशेष बल समूह (GFS) का हिस्सा थे, 2021 के तख्तापलट के दौरान तब सुर्खियों में आए थे जब उन्हें पूर्व राष्ट्रपति अल्फा कोंडे को ले जाते हुए देखा गया था।

सत्ता का सुदृढ़ीकरण और राजनीतिक बदलाव

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बर्खास्तगी राष्ट्रपति डौम्बौया द्वारा अपनी पकड़ मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति है। डौम्बौया ने 2021 में सत्ता हथियाने के बाद वादा किया था कि वह नागरिक शासन को सत्ता सौंप देंगे, लेकिन उन्होंने अपने वादे से मुकरते हुए दिसंबर के चुनावों में हिस्सा लिया और भारी बहुमत से जीत हासिल की।

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, इस तरह के सैन्य फेरबदल अक्सर तब होते हैं जब एक नेता अपनी सत्ता को चुनौती देने वाले संभावित तत्वों को हटाना चाहता है। डौम्बौया की जीत के दौरान प्रमुख विपक्षी दलों, जैसे RPG Arc en Ciel और UFDG, को चुनाव से बाहर रखा गया था, जिससे उनके शासन की वैधता पर सवाल उठ रहे हैं।

सैनिकों की यह सामूहिक बर्खास्तगी डौम्बौया के सैन्य शासन से नागरिक शासन की ओर संक्रमण के बजाय उनके व्यक्तिगत नियंत्रण के विस्तार का संकेत देती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

गिनी का इतिहास सैन्य हस्तक्षेपों से भरा रहा है। 2021 के तख्तापलट ने राष्ट्रपति अल्फा कोंडे के तीसरे कार्यकाल को समाप्त कर दिया था, जो विवादित और हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच आया था। तब से, गिनी में नागरिक स्वतंत्रता में भारी कमी देखी गई है, जिसमें मीडिया पर प्रतिबंध और राजनीतिक विरोधियों की गिरफ्तारी शामिल है।

Did You Know?: गिनी खनिज संसाधनों, विशेष रूप से बॉक्साइट के मामले में दुनिया के सबसे धनी देशों में से एक है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: कर्नल मिशेल लामा कौन हैं?
उत्तर: वे एक पूर्व अधिकारी थे जिन्होंने 2021 के तख्तापलट में राष्ट्रपति डौम्बौया का साथ दिया था।

प्रश्न 2: डौम्बौया ने चुनाव के बारे में क्या वादा किया था?
उत्तर: उन्होंने वादा किया था कि वे चुनाव नहीं लड़ेंगे और सत्ता नागरिक शासन को सौंप देंगे, लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ा और जीत गए।