नेपाल में हिमालयी ग्लेशियर टूटने से आई भीषण बाढ़ ने दर्जनों जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुँचाया है, जिससे भारत को होने वाली बिजली की आपूर्ति भी आधी रह गई है।
- नेपाल में ग्लेशियर टूटने से आई बाढ़ ने 13 जलविद्युत और एक सौर ऊर्जा संयंत्र को प्रभावित किया।
- भारत को होने वाली बिजली की आपूर्ति 800 मेगावाट से घटकर 400 मेगावाट रह गई है।
- बाढ़ के कारण अब तक 359 लोगों की मौत हो चुकी है और कई भारतीय लापता हैं।
नेपाल में हिमालयी क्षेत्र में एक ग्लेशियर के टूटने से आई अचानक आई बाढ़ (Flash Flood) ने देश के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचाया है। इस प्राकृतिक आपदा ने न केवल नेपाल की घरेलू बिजली जरूरतों को प्रभावित किया है, बल्कि पड़ोसी देश भारत को होने वाली बिजली की आपूर्ति में भी बड़ी बाधा उत्पन्न कर दी है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, नेपाल ने भारत को होने वाली अपनी बिजली आपूर्ति को लगभग आधा कर दिया है। पहले यह आपूर्ति 800 मेगावाट (MW) के आसपास थी, जो अब घटकर कम से कम 400 मेगावाट रह गई है। देवघाट जलविद्युत संयंत्र, जो विशेष रूप से भारत को बिजली भेजता है, इस आपदा की चपेट में आने वाले प्रमुख संयंत्रों में से एक है।
क्यों यह महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत और नेपाल के बीच ऊर्जा संबंध मानसून के दौरान अत्यधिक महत्वपूर्ण हो जाते हैं। भारत मानसून के दौरान नेपाल से अधिशेष बिजली का आयात करता है। इस तरह की आपदा न केवल क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि दोनों देशों के बीच मौसमी व्यापारिक संतुलन को भी बिगाड़ सकती है।
हिमालयी ग्लेशियरों की अस्थिरता दक्षिण एशिया की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
नेपाल के ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, बाढ़ के कारण लगभग 359 मेगावाट क्षमता वाले बिजली संयंत्र प्रभावित हुए हैं। इसमें रासुवा जिले के कई बड़े प्रोजेक्ट्स जैसे Upper Trishuli-1 और Rasuwagadhi शामिल हैं। इसके अलावा, बांग्लादेश को बिजली आपूर्ति करने वाले चिलिमे (Chilime) और त्रिशूली (Trisuli) संयंत्र भी इस आपदा की मार झेल रहे हैं।
प्रभावित परियोजनाओं का विवरण
| जिला | प्रभावित परियोजनाएं | क्षमता (अनुमानित) |
|---|---|---|
| रासुवा | Upper Trishuli-1, Rasuwagadhi, Rasuwa Bhotekoshi | ~578 MW (संचालित + निर्माणाधीन) |
| नुवाकोट | Trishuli, Devighat, Upper Trishuli-3A/3B | ~175 MW |
बाढ़ का कारण हिमालयी क्षेत्र (नेपाल और तिब्बत के बीच) में एक ग्लेशियर का ढहना बताया जा रहा है। इस आपदा में अब तक 359 लोगों की जान जा चुकी है, और राहत कार्य अभी भी जारी हैं।
Frequently Asked Questions
1. भारत पर इस बाढ़ का क्या प्रभाव पड़ा है?
भारत को नेपाल से मिलने वाली बिजली की आपूर्ति 800 मेगावाट से घटकर लगभग 400 मेगावाट रह गई है।
2. बाढ़ का मुख्य कारण क्या था?
नेपाल और तिब्बत के बीच हिमालयी क्षेत्र में एक ग्लेशियर के ढहने से अचानक आई बाढ़ (Flash Flood) आई थी।