अमेरिकी प्रशासन ने नाटो सहयोगियों से यूरोप की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। पेंटागन द्वारा यूरोप में अपनी सैन्य तैनाती की समीक्षा शुरू करने के बाद गठबंधन के भीतर तनाव बढ़ गया है।

  • अमेरिका यूरोप में अपनी सैन्य तैनाती की छह महीने की व्यापक समीक्षा कर रहा है।
  • पेंटागन ने नाटो देशों से उनकी रक्षा तैयारियों पर विस्तृत जानकारी मांगी है।
  • यूरोपीय देशों ने 2035 तक अपनी जीडीपी का 5% रक्षा पर खर्च करने का वादा किया है।

ब्रसेल्स, बेल्जियम: वाशिंगटन ने अपने नाटो सहयोगियों पर यूरोप की रक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी लेने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। पेंटागन के वरिष्ठ अधिकारी एल्ब्रिज कोल्बी ने ब्रसेल्स में नाटो मुख्यालय की यात्रा के दौरान स्पष्ट किया कि अमेरिका अब यूरोप में अपनी सैन्य उपस्थिति और रणनीतिक स्थिति की समीक्षा कर रहा है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा जुलाई में शुरू की गई छह महीने की समीक्षा ने यूरोपीय सहयोगियों के बीच अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। अमेरिका को डर है कि यूरोपीय देश अपनी सुरक्षा के लिए वाशिंगटन पर बहुत अधिक निर्भर हैं। कोल्बी ने कहा कि अमेरिका अब 'व्यावसायिक बातचीत' (down-to-business conversation) के दौर में है, जहाँ यूरोप को अपनी रक्षा क्षमताओं को स्वयं विकसित करना होगा।

क्यों महत्वपूर्ण है यह घटनाक्रम?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल सैन्य तैनाती का मुद्दा नहीं है, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव का संकेत है। यदि अमेरिका अपनी सेना कम करता है, तो यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से बदल जाएगी। यह कदम अमेरिका को चीन जैसे अन्य वैश्विक चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करने की अनुमति देगा, लेकिन इससे यूरोप में सुरक्षा शून्यता पैदा होने का खतरा भी है।

यूरोप को अब केवल रक्षा बजट बढ़ाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे अपनी सैन्य स्वायत्तता और आधारभूत ढांचे पर भी काम करना होगा।

पेंटागन प्रमुख पीट हेगसेथ ने जून में इस समीक्षा की घोषणा की थी। यह निर्णय विशेष रूप से ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के दौरान यूरोपीय देशों के रवैये से उपजे असंतोष का परिणाम है, जहाँ कुछ देशों ने अमेरिकी सेना के लिए अपने बेस उपयोग करने पर प्रतिबंध लगा दिए थे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

शीत युद्ध के बाद से, नाटो की सुरक्षा संरचना काफी हद तक अमेरिकी नेतृत्व और सैन्य शक्ति पर टिकी रही है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में 'रणनीतिक स्वायत्तता' की मांग बढ़ी है। 2025 में, यूरोपीय देशों ने ट्रंप प्रशासन के दबाव में 2035 तक अपनी जीडीपी का 5% रक्षा बजट में लगाने पर सहमति जताई थी।

क्या आप जानते हैं?: नाटो के पास वर्तमान में यूरोप में लगभग 80,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, लेकिन अमेरिका अब इस संख्या को कम करने की योजना बना रहा है।
विशेषतापूर्व स्थितिसंभावित नई स्थिति
रक्षा खर्च लक्ष्य2% GDP5% GDP (2035 तक)
अमेरिकी नेतृत्वपूर्ण प्रभुत्वसहयोगात्मक/यूरोपीय नेतृत्व
रणनीतिक ध्यानयूरोप केंद्रितएशिया-प्रशांत (चीन) केंद्रित

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. अमेरिका यूरोप से सेना क्यों हटाना चाहता है?
अमेरिका अपनी रणनीतिक ऊर्जा को चीन और एशिया-प्रशांत क्षेत्र की चुनौतियों की ओर मोड़ना चाहता है।

2. नाटो प्रमुख मार्क रुट्टे का इस पर क्या कहना है?
मार्क रुटे ने कहा है कि सहयोगी प्रगति कर रहे हैं और वे रक्षा क्षमताओं के मामले में अपने लक्ष्यों तक पहुँच जाएंगे।