म्यांमार की सेना हवाई हमलों, जबरन सैन्य भर्ती और चीन के रणनीतिक समर्थन के माध्यम से महत्वपूर्ण शहरों पर फिर से नियंत्रण पा रही है, जिससे विद्रोहियों को पीछे हटना पड़ रहा है।
- म्यांमार की सेना ने विद्रोहियों के कब्जे वाले 22 महत्वपूर्ण शहरों को वापस जीत लिया है।
- हवाई हमले और मास कंस्क्रिप्शन (सामूहिक भर्ती) सेना की शक्ति का मुख्य आधार बने हैं।
- चीन की भूमिका ने संघर्ष की दिशा को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया है।
म्यांमार में चल रहा गृहयुद्ध एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले कुछ महीनों में, विद्रोहियों ने उन रणनीतिक शहरों को छोड़ना शुरू कर दिया है जिन्हें उन्होंने 2021 के तख्तापलट के बाद हासिल किया था। विशेष रूप से चिन राज्य के फालम (Falam) शहर का पतन सेना की एक बड़ी रणनीतिक जीत मानी जा रही है, जो भारत की सीमा के पास स्थित है और चिन राज्य के एकमात्र हवाई अड्डे का घर है।
विद्रोही लड़ाकों का कहना है कि वे संसाधनों और गोला-बारूद की भारी कमी के कारण पीछे हटने को मजबूर हुए। सेना ने फालम को पुनः प्राप्त करने के लिए 2,500 से अधिक हवाई हमले किए और लगभग 1,000 सैनिकों के साथ जमीनी हमला किया। यह स्थिति दर्शाती है कि कैसे वायु शक्ति का उपयोग करके सेना प्रतिरोध को कुचलने की कोशिश कर रही है।
क्यों यह महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि म्यांमार का संघर्ष अब केवल ज़मीनी लड़ाई नहीं रह गया है, बल्कि यह संसाधनों और क्षेत्रीय प्रभाव की एक जटिल जंग बन चुका है। सेना द्वारा महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों और सीमावर्ती क्षेत्रों पर फिर से नियंत्रण पाने की कोशिश उनके आर्थिक और लॉजिस्टिक आधार को मजबूत करने के लिए है, जिससे विद्रोहियों की समन्वय क्षमता कमजोर हो रही है।
विद्रोहियों के लिए अब चुनौती केवल शहर जीतना नहीं, बल्कि सेना की वायु शक्ति के सामने अपने अस्तित्व को बचाए रखना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सेना की इस वापसी के पीछे तीन मुख्य स्तंभ हैं: पहला, बड़े पैमाने पर सैन्य भर्ती अभियान जिसने सैनिकों की कमी को पूरा किया है; दूसरा, विनाशकारी हवाई अभियान; और तीसरा, चीन का कूटनीतिक और रणनीतिक समर्थन। चीन ने कुछ जातीय समूहों के साथ युद्धविराम कराने और अन्य के हथियारों की आपूर्ति रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
म्यांमार में यह संघर्ष फरवरी 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद शुरू हुआ था। जब सेना ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर क्रूरता से हमला किया, तो युवाओं ने 'पीपल्स डिफेंस फोर्सेज' (PDF) का गठन किया। इसके बाद विभिन्न जातीय सशस्त्र संगठनों ने भी इनका साथ दिया, जिससे देश एक लंबे गृहयुद्ध की चपेट में आ गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. म्यांमार की सेना ने कौन से प्रमुख क्षेत्रों पर नियंत्रण पाया है?
सेना ने चिन, कछिन, कायिन और रखाइन राज्यों के महत्वपूर्ण व्यापारिक गलियारों और 22 शहरों पर फिर से नियंत्रण प्राप्त किया है।
2. चीन की इस युद्ध में क्या भूमिका है?
चीन ने कुछ समूहों के साथ युद्धविराम कराने और कुछ के हथियारों की आपूर्ति बाधित करने के माध्यम से सेना को रणनीतिक बढ़त दिलाने में मदद की है।