प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए किर्गिस्तान पहुंच गए हैं। इस दौरे के दौरान वे राष्ट्रपति सादिर झापारोव और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जैसे प्रमुख नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
- प्रधानमंत्री मोदी किर्गिस्तान में 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
- दौरे के दौरान राष्ट्रपति सादिर झापारोव और व्लादिमीर पुतिन के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें होंगी।
- भारत का लक्ष्य मध्य एशिया में सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को मजबूत करना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को किर्गिस्तान पहुंच गए, जहां वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। राष्ट्रपति सादिर झापारोव के निमंत्रण पर की गई यह यात्रा भारत की मध्य एशियाई नीतियों में एक रणनीतिक मोड़ मानी जा रही है। बिश्केक पहुंचने पर उनका स्वागत कैबिनेट मंत्रियों और पारंपरिक किर्गिज़ नृत्य प्रदर्शन के साथ किया गया।
इस शिखर सम्मेलन का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि SCO अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा है। 2001 में स्थापित इस संगठन में अब भारत, पाकिस्तान, ईरान और बेलारूस जैसे महत्वपूर्ण देश शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि आर्थिक कनेक्टिविटी के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत का यह कदम मध्य एशिया में चीन और रूस के बढ़ते प्रभाव के बीच एक संतुलन बनाने की कोशिश है। भारत अब केवल एक दर्शक नहीं, बल्कि मध्य एशिया में सुरक्षा और व्यापारिक गलियारों का एक सक्रिय भागीदार बनने की ओर अग्रसर है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा मध्य एशिया में भारत की 'कनेक्टिविटी और सुरक्षा' की नीति को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
प्रधानमंत्री ने अपने प्रस्थान वक्तव्य में स्पष्ट किया कि भारत का विजन आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त क्षेत्र बनाना है। वे 6वें विश्व नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे, जो भारत के सांस्कृतिक संबंधों को और गहरा करेगा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
SCO की स्थापना 2001 में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान द्वारा की गई थी। भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके पूर्ण सदस्य बने, जिससे इस संगठन का भू-राजनीतिक महत्व कई गुना बढ़ गया है।
Frequently Asked Questions
1. प्रधानमंत्री मोदी किर्गिस्तान क्यों गए हैं?
वे 26वें SCO शिखर सम्मेलन में भाग लेने और क्षेत्रीय नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने के लिए गए हैं।
2. इस दौरे के प्रमुख नेता कौन हैं जिनसे मोदी मिलेंगे?
वे किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर झापारोव और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने की उम्मीद करते हैं।