कोलंबिया में कोकीन तस्करी करने वाले विद्रोहियों पर किए गए सैन्य हवाई हमले में तीन नाबालिगों की मौत हो गई है, जिससे सोशल मीडिया के जरिए बच्चों की भर्ती पर गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं।
- कोलंबिया के गुवियारे विभाग में सैन्य हवाई हमले में 15 और 16 वर्ष के तीन नाबालिग मारे गए।
- राष्ट्रपति अबेलार्डो डी ला एस्प्रीएला ने सशस्त्र समूहों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है।
- ह्यूमन राइट्स वॉच ने मेटा और टिकटॉक एल्गोरिदम के जरिए बच्चों की भर्ती में वृद्धि की चेतावनी दी है।
- 2021 से अब तक लगभग 1,500 बच्चों को सशस्त्र समूहों द्वारा भर्ती किया गया है।
एक हृदयविदारक घटना में, कोलंबियाई सरकार ने पुष्टि की है कि दक्षिणी गुवियारे विभाग में कोकीन तस्करी करने वाले विद्रोहियों के खिलाफ किए गए सैन्य हवाई हमले में मारे गए दस लोगों में तीन नाबालिग भी शामिल थे। यह ऑपरेशन राष्ट्रपति अबेलार्डो डी ला एस्प्रीएला के कार्यभार संभालने के बाद से सबसे घातक सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल मेडिसिन और फॉरेंसिक साइंसेज के अनुसार, मृतकों में दो बच्चे 15 वर्ष के थे और एक 16 वर्ष का था। आरोप है कि ये पीड़ित FARC (क्रांतिकारी सशस्त्र बल कोलंबिया) के उस विद्रोही गुट से जुड़े थे, जिसने 2016 के शांति समझौते को मानने से इनकार कर दिया था।
दक्षिणपंथी नेता और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के करीबी सहयोगी, राष्ट्रपति डी ला एस्प्रीएला ने अपनी सख्त सैन्य रणनीति को जारी रखा है। कमांडर इवान मोर्डिस्को के नेतृत्व वाले FARC गुट पर किए गए एक अन्य हमले के बाद, राष्ट्रपति ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि जो अपराधी बच्चों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के उल्लंघन की कीमत चुकानी होगी।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि कोलंबिया में वर्तमान स्थिति 'अधिकतम दबाव' की रणनीति की ओर इशारा करती है। हालांकि सरकार का लक्ष्य नार्को-आतंकवाद को खत्म करना है, लेकिन नाबालिगों की मौत यह दर्शाती है कि यह एक दुष्चक्र बन गया है: सशस्त्र समूह बच्चों को भर्ती करते हैं और बाद में वही बच्चे सरकारी सैन्य अभियानों का शिकार होते हैं।
"सोशल मीडिया पर एल्गोरिदम के प्रचार और ग्रामीण क्षेत्रों में राज्य की अनुपस्थिति ने इंटरनेट को विद्रोही समूहों के लिए एक डिजिटल भर्ती केंद्र में बदल दिया है।"
ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) की हालिया रिपोर्ट ने इस संकट को और गहरा कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2021 से अब तक 1,500 बच्चों को भर्ती किया गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि मेटा और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म के एल्गोरिदम कथित तौर पर ऐसी सामग्री को बढ़ावा दे रहे हैं जो बच्चों को विद्रोहियों में शामिल होने के लिए प्रेरित करती है, जहाँ उन्हें विस्फोटक ड्रोन चलाने जैसे खतरनाक काम सौंपे जाते हैं।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, मेटा और टिकटॉक ने कहा कि वे हिंसा को बढ़ावा देने वाली सामग्री को प्रतिबंधित करते हैं और उन्होंने चिह्नित खातों को हटा दिया है। हालांकि, भर्ती का बढ़ता स्तर यह संकेत देता है कि कॉर्पोरेट मॉडरेशन जमीनी हकीकत से निपटने में विफल रहा है।
| पैरामीटर | 2021-2023 अवधि | 2024 रिपोर्ट किए गए मामले |
|---|---|---|
| बच्चों की भर्ती | ~875 बच्चे | 625 बच्चे |
| भर्ती का मुख्य तरीका | शारीरिक दबाव/गरीबी | सोशल मीडिया/एल्गोरिदम |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: FARC विद्रोही कौन हैं?
ये कोलंबिया के पूर्व क्रांतिकारी सशस्त्र बलों के वे गुट हैं जिन्होंने 2016 की शांति संधि के तहत हथियार डालने से इनकार कर दिया और राज्य के खिलाफ लड़ना जारी रखा।
प्रश्न 2: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इसमें कैसे शामिल हैं?
ह्यूमन राइट्स वॉच का दावा है कि टिकटॉक और मेटा के एल्गोरिदम ने ऐसी सामग्री को बढ़ावा दिया है जो नाबालिगों को सशस्त्र समूहों की ओर आकर्षित करती है।