ट्रम्प प्रशासन H-4 वीजा धारकों के लिए रोजगार प्राधिकरण (EAD) को समाप्त करने की योजना बना रहा है, जिससे अमेरिका में रहने वाले हजारों भारतीय पेशेवरों और उनके जीवनसाथी गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं।
- ट्रम्प प्रशासन H-4 वीजा धारकों के लिए वर्क परमिट (EAD) को समाप्त करने का प्रस्ताव कर रहा है।
- प्रभावित होने वाले आवेदकों में 93% से अधिक भारतीय नागरिक हैं, जिनमें अधिकांश महिलाएं हैं।
- यह कदम 2015 के उस नियम को पलटने की कोशिश है जिसने H-1B जीवनसाथी को काम करने की अनुमति दी थी।
अमेरिका में H-1B वीजा पर रहने वाले हजारों भारतीय परिवारों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ट्रम्प प्रशासन ने H-4 वीजा धारकों—जो H-1B श्रमिकों के जीवनसाथी होते हैं—के लिए रोजगार प्राधिकरण (Employment Authorization) को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाए हैं। यह प्रस्ताव एक दशक पुराने उस नीतिगत बदलाव को पलटने की कोशिश है जिसने हजारों योग्य पेशेवरों को अमेरिकी अर्थव्यवस्था में योगदान करने का अवसर दिया था।
यह योजना Reginfo.gov पर 'Removing H-4 Dependent Spouses From the Classes of Noncitizens Eligible for Employment Authorization' शीर्षक के तहत सूचीबद्ध की गई है। इसे होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) के दीर्घकालिक नियामक एजेंडे में शामिल किया गया है। आधिकारिक नोटिस के अनुसार, DHS का उद्देश्य उन नियमों को हटाना है जो H-4 जीवनसाथी को रोजगार के लिए आवेदन करने की अनुमति देते हैं, ताकि विभाग की उस पुरानी नीति को बहाल किया जा सके जिसमें इस पात्रता को मान्यता नहीं दी गई थी।
यह भारतीय परिवारों को सबसे अधिक क्यों प्रभावित करेगा?
आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024 में स्वीकृत H-1B याचिकाओं में लगभग 71% भारतीय नागरिक थे। इसका मतलब है कि वर्क राइट्स में किसी भी बदलाव का सीधा असर भारतीय घरों पर पड़ेगा। एक 2017 की रिपोर्ट के अनुसार, 2014 से 2017 के बीच स्वीकृत H-4 EAD आवेदनों में से 93% भारतीय थे, और उनमें से 94% महिलाएं थीं, जो मुख्य रूप से चिकित्सा, STEM, शिक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में कार्यरत हैं।
“H-4 वर्क परमिट का हटना न केवल वित्तीय स्थिरता को प्रभावित करेगा, बल्कि यह उच्च शिक्षित भारतीय प्रतिभाओं के करियर में एक बड़ा अंतराल पैदा कर देगा।”
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह कदम केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं है, बल्कि एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसका उद्देश्य उच्च-कुशल प्रवासियों की निर्भरता को कम करना है। H-1B प्रोग्राम को लक्षित करने वाले अन्य कदमों, जैसे कि नए नियुक्तियों पर भारी शुल्क और 60 दिनों की ग्रेस पीरियड को खत्म करने की योजना, के साथ मिलकर यह कदम भारतीय टेक समुदाय के लिए अमेरिका में रहना और काम करना अधिक चुनौतीपूर्ण बना देगा।
ऐतिहासिक रूप से, 2017 में भी ट्रम्प के पहले कार्यकाल के दौरान ऐसा ही प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन उसे 2021 में वापस ले लिया गया था। 2026 में इस प्रस्ताव की वापसी यह संकेत देती है कि प्रशासन इस बार इसे लागू करने के लिए अधिक दृढ़ है।
| विशेषता | H-4 वीजा | H-4 EAD (वर्क परमिट) |
|---|---|---|
| उद्देश्य | अमेरिका में रहने की अनुमति | कानूनी रूप से काम करने की अनुमति |
| पात्रता | H-1B धारक का जीवनसाथी/बच्चा | I-140 मंजूरी या विशिष्ट विस्तार |
| अधिकार | ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक खाता | पूर्णकालिक रोजगार |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या मौजूदा वर्क परमिट तुरंत खत्म हो जाएंगे?
नहीं, यह अभी केवल एक प्रस्ताव है। जब तक औपचारिक नियम लागू नहीं होता, वैध EAD धारक काम करना जारी रख सकते हैं।
प्रश्न 2: EAD प्राप्त करने के लिए मुख्य शर्त क्या है?
H-4 जीवनसाथी को EAD तभी मिलता है जब उनका H-1B साथी ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया (जैसे I-140 याचिका) में हो।