बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने क्षेत्रीय सुरक्षा, यूक्रेन संघर्ष और द्विपक्षीय व्यापार विस्तार पर गहन चर्चा की। इस बैठक ने सितंबर में दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए आधार तैयार किया है।
- पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने क्षेत्रीय सुरक्षा और यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान पर चर्चा की।
- अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद भारत-रूस द्विपक्षीय व्यापार में 2.6% की वृद्धि दर्ज की गई।
- सितंबर 12-13 को दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए पुतिन के दौरे की रूपरेखा तैयार।
बिश्केक में आयोजित एससीओ (SCO) शिखर सम्मेलन के इतर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक हुई। इस वार्ता का मुख्य केंद्र क्षेत्रीय स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और दोनों देशों के बीच 'विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' को और अधिक मजबूत करना रहा।
दोनों नेताओं ने यूक्रेन संघर्ष पर विस्तार से चर्चा की, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने शांति और कूटनीति के माध्यम से युद्ध के अंत की आवश्यकता पर बल दिया। यह चर्चा ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक भू-राजनीति में रूस पर कड़े प्रतिबंध लगे हुए हैं, लेकिन भारत ने अपने संतुलित दृष्टिकोण को बरकरार रखा है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that India's ability to maintain a steady trade relationship with Russia while managing ties with the West demonstrates its growing strategic autonomy. The 2.6% growth in trade and 16% rise in tourism indicate that the economic bond between New Delhi and Moscow remains resilient despite external pressures.
"The strategic convergence between India and Russia is no longer just about defense, but has evolved into a critical partnership for energy and fertilizer security."
बैठक में कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। चाबहार पोर्ट और इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) जैसे प्रोजेक्ट्स पर चर्चा हुई, जो मध्य एशिया और यूरोप तक भारत की पहुंच को सुगम बनाएंगे। साथ ही, रूस में 40,000 भारतीय छात्रों के नामांकन ने सांस्कृतिक और शैक्षिक संबंधों की गहराई को दर्शाया है।
यह मुलाकात आगामी 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के लिए एक महत्वपूर्ण अग्रदूत है। राष्ट्रपति पुतिन की दिल्ली यात्रा वैश्विक स्तर पर एक बड़ा संदेश देगी कि बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था (Multipolar World Order) की दिशा में भारत और रूस एक साथ खड़े हैं।
Frequently Asked Questions
1. पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की बैठक कहाँ हुई?
यह बैठक बिश्केक में एससीओ (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित की गई थी।
2. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन कब और कहाँ आयोजित होगा?
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाला है।