बिश्केक में आयोजित 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण मुलाकातें देखी गईं।
- पीएम मोदी, राष्ट्रपति शी और राष्ट्रपति पुतिन बिश्केक में 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान एक मंच पर नजर आए।
- भारत, चीन, रूस और पाकिस्तान के बीच संक्षिप्त लेकिन रणनीतिक बातचीत हुई।
- शिखर सम्मेलन का मुख्य केंद्र क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और युद्ध को समाप्त कर शांति स्थापित करना है।
बिश्केक में 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन का औपचारिक शुभारंभ हो चुका है। इस आयोजन में यूरेशियाई क्षेत्र के सबसे शक्तिशाली नेताओं का जमावड़ा लगा है। उद्घाटन समारोह के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को एक साथ देखा गया, जिनकी संक्षिप्त बातचीत ने वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है।
वर्तमान वैश्विक अस्थिरता को देखते हुए इस शिखर सम्मेलन का दृश्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी के साथ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की उपस्थिति ने कूटनीतिक जटिलताओं को और बढ़ा दिया है, क्योंकि एससीओ एक ऐसा मंच है जहाँ क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी तटस्थ भूमि पर सामूहिक सुरक्षा और व्यापार पर चर्चा करते हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि मोदी और शी के बीच की संक्षिप्त बातचीत विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि दोनों देश आर्थिक संबंधों को बनाए रखते हुए सीमा विवादों को प्रबंधित करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा, राष्ट्रपति पुतिन के साथ बातचीत में पीएम मोदी द्वारा "अंतहीन युद्ध से युद्ध की समाप्ति" की ओर बढ़ने का आह्वान भारत की एक मध्यस्थ के रूप में उभरती भूमिका को दर्शाता है।
एससीओ शिखर सम्मेलन एशिया में शक्ति संतुलन के बदलाव का एक पैमाना है, जहाँ 'गैर-पश्चिमी' गुट वैश्विक शासन को पुनरपरिभाषित करने का प्रयास कर रहा है।
ऐतिहासिक रूप से, एससीओ की स्थापना आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ की 'तीन बुराइयों' से लड़ने के लिए की गई थी। हालांकि, अब यह एक विशाल राजनीतिक और सुरक्षा गठबंधन बन गया है। बिश्केक में इस 26वें शिखर सम्मेलन में क्षेत्रीय परिवहन गलियारों के एकीकरण और अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए भुगतान प्रणालियों के विविधीकरण पर चर्चा होने की उम्मीद है।
| नेता | देश | शिखर सम्मेलन का मुख्य फोकस |
|---|---|---|
| नरेंद्र मोदी | भारत | क्षेत्रीय शांति और रणनीतिक स्वायत्तता |
| शी जिनपिंग | चीन | आर्थिक विस्तार और वैश्विक प्रभाव |
| व्लादिमीर पुतिन | रूस | बहुध्रुवीयता और सुरक्षा गठबंधन |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
26वें एससीओ शिखर सम्मेलन का प्राथमिक लक्ष्य क्या है?
इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ाना, आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के समाधान पर चर्चा करना है।
बिश्केक शिखर सम्मेलन के मुख्य प्रतिभागी कौन हैं?
मुख्य प्रतिभागियों में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान और अन्य एससीओ सदस्य देशों के नेता शामिल हैं।