रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ब्रिक्स बैठक के दौरान G7 देशों की प्रासंगिकता पर सवाल उठाए और दावा किया कि अब ब्रिक्स वैश्विक जीडीपी में 40% से अधिक का योगदान दे रहा है।

  • पुतिन ने G7 को 'तथाकथित' विकसित अर्थव्यवस्थाएं बताकर उनका मजाक उड़ाया।
  • ब्रिक्स देशों का वैश्विक जीडीपी में योगदान अब 40% के पार पहुंच गया है।
  • रूस ब्रिक्स को वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक नए, समान और न्यायसंगत मॉडल के रूप में देखता है।

हाल ही में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) बैठक के दौरान, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी प्रभुत्व वाले G7 देशों पर एक तीखा हमला बोला। पुतिन ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि G7 को अभी भी दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के रूप में क्यों देखा जाता है, जबकि वास्तविक आर्थिक शक्ति का केंद्र अब पूर्व की ओर खिसक रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रिक्स अब केवल एक समूह नहीं, बल्कि एक आर्थिक महाशक्ति बन चुका है।

रूसी राष्ट्रपति ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि ब्रिक्स देशों का सामूहिक योगदान अब वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 40% से अधिक हो गया है। यह बयान सीधे तौर पर G7 देशों की घटती आर्थिक पकड़ और ब्रिक्स के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करता है। पुतिन के अनुसार, वर्तमान वैश्विक वित्तीय ढांचा पुराना हो चुका है और इसे बदलने की आवश्यकता है।

Why This Matters

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, पुतिन का यह बयान केवल एक राजनीतिक बयानबाजी नहीं है, बल्कि यह 'डी-डलराइजेशन' (De-dollarization) की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। रूस और चीन जैसे देश पश्चिमी प्रतिबंधों के जवाब में एक ऐसी वैकल्पिक व्यवस्था बनाना चाहते हैं जहां अमेरिका का वर्चस्व न हो। यह वैश्विक व्यापार और कूटनीति के समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।

"ब्रिक्स का उदय केवल आर्थिक आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था (Multipolar World Order) की घोषणा है।"

रूसी राष्ट्रपति कार्यालय के उप मुख्य स्टाफ मैक्सिम ओरेशकिन ने भी इस बात की पुष्टि की कि रूस ब्रिक्स को वैश्विक अर्थव्यवस्था के भविष्य के रूप में देखता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिक्स ने सहयोग का एक ऐसा मॉडल पेश किया है जो समानता पर आधारित है, न कि प्रभुत्व पर।

ऐतिहासिक रूप से, G7 (कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूके और यूएसए) ने दशकों तक वैश्विक आर्थिक नीतियों को नियंत्रित किया है। हालांकि, पिछले दो दशकों में भारत और चीन जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तीव्र वृद्धि ने इस संतुलन को हिला दिया है। अब ब्रिक्स में नए सदस्यों के शामिल होने से इसकी पहुंच और अधिक व्यापक हो गई है।

क्या आप जानते हैं?: ब्रिक्स (BRICS) की शुरुआत मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत और चीन के रूप में हुई थी, जिसमें बाद में दक्षिण अफ्रीका शामिल हुआ, और अब यह और अधिक विस्तारित हो रहा है।
विशेषताG7BRICS
दृष्टिकोणपश्चिमी प्रभुत्व/विकसित राष्ट्रबहुध्रुवीय/उभरती अर्थव्यवस्थाएं
GDP योगदानघटता हुआ प्रभाव40% से अधिक (तेजी से वृद्धि)
मॉडलपारंपरिक नेतृत्वसमान सहयोग मॉडल

Frequently Asked Questions

1. पुतिन ने G7 के बारे में क्या कहा?
पुतिन ने G7 को 'तथाकथित' अर्थव्यवस्थाएं कहा और सवाल उठाया कि उन्हें अभी भी इस नाम से क्यों पुकारा जाता है जबकि ब्रिक्स का प्रभाव बढ़ रहा है।

2. ब्रिक्स का वैश्विक अर्थव्यवस्था में कितना योगदान है?
पुतिन के अनुसार, ब्रिक्स देशों का वैश्विक जीडीपी में योगदान अब 40% से अधिक हो गया है।