गाजा में शांति समझौते के बावजूद इजरायली हमलों ने कहर बरपाया है, जिसमें इस वर्ष अब तक 900 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्धविराम के बाद से मरने वालों की कुल संख्या 1,300 के पार पहुंच गई है, जिनमें 301 बच्चे शामिल हैं।
- युद्धविराम के बावजूद इस वर्ष गाजा में 900 से अधिक मौतें दर्ज की गईं।
- 10 अक्टूबर से अब तक कुल मौतों की संख्या 1,300 से अधिक हो गई है, जिसमें 301 बच्चे शामिल हैं।
- इजरायल का दावा है कि वह केवल सैन्य लक्ष्यों को निशाना बना रहा है, जबकि संयुक्त राष्ट्र के आंकड़े भारी नागरिक क्षति की पुष्टि करते हैं।
गाजा पट्टी में शांति की उम्मीदों के बीच हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष इजरायली हमलों में 900 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, भले ही क्षेत्र में युद्धविराम लागू हो। यह आंकड़ा दर्शाता है कि शांति समझौता जमीनी स्तर पर कितना कमजोर है।
मौतों का भयावह आंकड़ा
मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, 10 अक्टूबर को युद्धविराम की घोषणा के बाद से गाजा में मरने वालों की कुल संख्या 1,300 को पार कर गई है। सबसे दुखद पहलू यह है कि इन मौतों में 301 मासूम बच्चे शामिल हैं। बीबीसी वेरीफाई (BBC Verify) द्वारा विश्लेषण किए गए वीडियो में समुद्र किनारे के कैफे, विस्थापित लोगों के तंबू और आवासीय ब्लॉकों पर हमलों के विनाशकारी परिणाम देखे जा सकते हैं।
अप्रैल से अगस्त के बीच के महीने सबसे घातक रहे हैं, जिसमें हर महीने 100 से अधिक मौतें दर्ज की गईं। जुलाई का महीना सबसे भीषण था, जब 152 लोगों की जान गई।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयासों के लिए एक बड़ी बाधा बन सकती है। यदि युद्धविराम केवल कागजों तक सीमित रहता है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 20-सूत्रीय शांति योजना की सफलता पर सवाल खड़े हो जाएंगे। नागरिक मौतों का बढ़ता ग्राफ वैश्विक दबाव को बढ़ा सकता है।
यूरोपीय परिषद ऑन फॉरेन रिलेशंस के विशेषज्ञ ह्यूग लोवाट के अनुसार, "गाजा में युद्धविराम केवल नाममात्र का है; नागरिक ही इस हिंसा का खामियाजा भुगत रहे हैं।"
इजरायल रक्षा बलों (IDF) ने इन आंकड़ों को चुनौती दी है। IDF का कहना है कि वे केवल आतंकवादियों और सैन्य खतरों को निशाना बनाते हैं और नागरिक क्षति को कम करने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। हालांकि, संघर्ष निगरानी समूह Acled ने पुष्टि की है कि युद्धविराम के दौरान भी सैकड़ों लक्षित हमले हुए हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
यह संघर्ष 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ था, जब हमास के नेतृत्व में इजरायल पर हमला हुआ था, जिसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए थे। इसके जवाब में इजरायल ने गाजा में व्यापक सैन्य अभियान चलाया, जिससे अब तक हज़ारों लोगों की जान जा चुकी है और मानवीय संकट गहरा गया है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: युद्धविराम के बाद से कितने बच्चे मारे गए हैं?
उत्तर: यूनिसेफ और स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्धविराम के बाद से अब तक 301 से अधिक बच्चों की जान जा चुकी है।
प्रश्न 2: इजरायल का इन आंकड़ों पर क्या रुख है?
उत्तर: IDF का कहना है कि वे केवल सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाते हैं और मंत्रालय के आंकड़े पूरी तरह सटीक नहीं हो सकते।