विदेश मंत्री एस जयशंकर 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सत्र को संबोधित करेंगे। यह संबोधन ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया युद्ध, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक नेतृत्व के संकट से जूझ रही है।
- विदेश मंत्री एस जयशंकर 26 सितंबर को UNGA के उच्च स्तरीय सत्र में भारत का पक्ष रखेंगे।
- यह सत्र वैश्विक संघर्षों, विशेष रूप से मध्य पूर्व के तनाव और जलवायु परिवर्तन के बीच आयोजित हो रहा है।
- संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का यह अंतिम कार्यकाल भी है।
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर आगामी 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान उच्च स्तरीय बहस को संबोधित करने के लिए तैयार हैं। शुक्रवार को जारी संशोधित वक्ताओं की सूची के अनुसार, जयशंकर दोपहर के सत्र में दुनिया के शीर्ष नेताओं के सामने भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे।
यह महत्वपूर्ण संबोधन एक ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक भू-राजनीति अत्यधिक अस्थिर है। दुनिया भर में जारी संघर्षों, विशेष रूप से अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा पर गहरा प्रभाव डाला है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण ईंधन और खाद्य कीमतों में वृद्धि ने विशेष रूप से 'ग्लोबल साउथ' के विकासशील देशों को प्रभावित किया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि जयशंकर का यह भाषण केवल एक राजनयिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि भारत की 'रणनीतिक स्वायत्तता' (Strategic Autonomy) को वैश्विक मंच पर स्थापित करने का एक अवसर है। भारत इस समय खुद को ग्लोबल साउथ की आवाज के रूप में मजबूती से पेश कर रहा है।
वैश्विक अस्थिरता के इस दौर में, भारत का संयुक्त राष्ट्र में रुख दुनिया के लिए एक संतुलनकारी शक्ति के रूप में उभर सकता है।
इस वर्ष के सत्र की अध्यक्षता बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान करेंगे। सत्र की शुरुआत 22 सितंबर से होगी, जिसमें ब्राजील और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देश पहले बोलेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी 22 सितंबर को अपना संबोधन देंगे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
संयुक्त राष्ट्र महासभा की स्थापना 1945 में हुई थी ताकि भविष्य के युद्धों को रोका जा सके। वर्तमान में 193 सदस्य देशों का यह निकाय दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों जैसे जलवायु परिवर्तन, परमाणु निशस्त्रीकरण और महामारी की रोकथाम पर चर्चा करता है।
इस सत्र में जलवायु कार्रवाई, समुद्र के बढ़ते स्तर से उत्पन्न खतरों और परमाणु हथियारों के उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी गहन चर्चा होगी। साथ ही, यह वर्तमान महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का अंतिम उच्च-स्तरीय सत्र होगा, क्योंकि उनका कार्यकाल इस साल दिसंबर में समाप्त हो रहा है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: जयशंकर कब भाषण देंगे?
उत्तर: एस जयशंकर 26 सितंबर को दोपहर के सत्र में संबोधित करेंगे।
प्रश्न 2: इस बार UNGA का अध्यक्ष कौन है?
उत्तर: इस सत्र की अध्यक्षता बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान कर रहे हैं।