नेपाल के नुवाकोट में भेडकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ के 10 दिनों बाद एक 60 वर्षीय महिला मलबे के नीचे से सुरक्षित बचा ली गई। यह घटना लापता लोगों की तलाश में जुटे बचाव दलों के लिए उम्मीद की एक नई किरण बनकर आई है।
- 60 वर्षीय चंडिका श्रेष्ठ को 10 दिनों तक मलबे के नीचे दबने के बाद सुरक्षित निकाला गया।
- भेडकोशी नदी बेसिन में आई बाढ़ से अब तक 1,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
- बचाव दल ने मलबे और कीचड़ के बीच से एक कमजोर आवाज सुनकर महिला को खोज निकाला।
- महिला को नेपाली सेना के हेलीकॉप्टर से काठमांडू के बिरेन्द्र मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया है।
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद एक अविश्वसनीय चमत्कार सामने आया है। नुवाकोट जिले में मलबे और कीचड़ में दबे एक चार मंजिला घर से 60 वर्षीय चंडिका श्रेष्ठ को 10 दिनों के बाद जीवित बचा लिया गया है। यह घटना उस समय हुई जब बचाव दल भेडकोशी नदी बेसिन में मलबे को हटाने का काम कर रहे थे, जहां अब तक 1,300 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और लगभग 5,000 लोग लापता हैं।
चंडिका श्रेष्ठ, जो बिदुर नगरपालिका के बेत्रावती की रहने वाली हैं, अगस्त के अंत में आई आपदा के दौरान अपने परिवार के साथ लापता हो गई थीं। उनके परिवार ने उन्हें मृत मान लिया था और उनके अंतिम संस्कार की तैयारी भी शुरू कर दी थी। हालांकि, शनिवार को सशस्त्र पुलिस बल (APF) की एक टीम जब बेत्रावती क्षेत्र से गुजर रही थी, तो उन्हें दबे हुए घर के पास से एक बहुत ही धीमी आवाज सुनाई दी।
बचाव अभियान का रोमांचक विवरण
सशस्त्र पुलिस बल के निरीक्षक सुमन बिक ने बताया कि टीम ने पहले भी इसी स्थान पर तलाशी ली थी, लेकिन तब कोई आवाज नहीं मिली थी। इस बार, टीम ने घर के आसपास से कीचड़ हटाया और एक खिड़की तोड़कर अंदर प्रवेश किया। जैसे ही बचावकर्मी अंदर रेंगते हुए पहुंचे, चंडिका ने स्पष्ट रूप से बोलना शुरू कर दिया। उन्हें इस तरह से पाया गया कि उनका आधा शरीर कीचड़ में दबा हुआ था और केवल सिर का कुछ हिस्सा ही दिखाई दे रहा था। बचाव कार्य में लगभग 45 मिनट का समय लगा।
यह जीवित बचना एक चमत्कार है जिसने उन हजारों परिवारों को उम्मीद दी है जिनके प्रियजन अभी भी लापता हैं।
बचाव के बाद, चंडिका को नेपाली सेना के हेलीकॉप्टर के माध्यम से काठमांडू पहुंचाया गया। वर्तमान में उनका उपचार छौनी स्थित बिरेन्द्र मिलिट्री अस्पताल में चल रहा है। आपदा की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बाढ़ के तेज बहाव ने घर को उसके मूल स्थान से ही हटा दिया था, जिससे तीन मंजिलों के ऊपर की संरचना पूरी तरह से कीचड़ में समा गई थी।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना नेपाल में आपदा प्रबंधन और कठिन परिस्थितियों में जीवित रहने की मानवीय क्षमता को रेखांकित करती है। जहां एक ओर यह खोज लापता लोगों को खोजने की नई उम्मीद जगाती है, वहीं दूसरी ओर यह भेडकोशी बेसिन में मची तबाही की भयावहता को भी दर्शाती है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
नेपाल का हिमालयी क्षेत्र अक्सर मानसूनी बाढ़ और भूस्खलन के प्रति संवेदनशील रहता है। भेडकोशी नदी बेसिन में आई यह हालिया आपदा पिछले कुछ दशकों की सबसे विनाशकारी घटनाओं में से एक मानी जा रही है, जिसने बुनियादी ढांचे और मानव जीवन को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: चंडिका श्रेष्ठ को कहाँ से बचाया गया?
उत्तर: उन्हें नुवाकोट जिले के बेत्रावती में मलबे के नीचे दबे एक घर से बचाया गया।
प्रश्न 2: इस बाढ़ में अब तक कितने लोग लापता हैं?
उत्तर: आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, लगभग 5,000 लोग अभी भी लापता हैं।