आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने लंदन के ऐतिहासिक खालसा जत्था गुरुद्वारे का दौरा किया और ब्रिटिश सिख समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ सार्थक चर्चा की। यह दौरा उनके वैश्विक आउटरीच दौरे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  • आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने लंदन के ऐतिहासिक खालसा जत्था गुरुद्वारे का दौरा किया।
  • उन्होंने सिख समुदाय के नेताओं और प्रबंधन के साथ 'सार्थक संवाद' किया।
  • यह दौरा आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित वैश्विक यात्रा का हिस्सा है।
  • लंदन में 'सेलिब्रेशन ऑफ वननेस' नामक एक बड़े कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने लंदन के एक ऐतिहासिक गुरुद्वारे का दौरा कर ब्रिटिश सिख समुदाय के साथ महत्वपूर्ण संवाद किया। राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने पुष्टि की कि भागवत ने गुरुद्वारे के प्रबंधन के साथ एक 'सार्थक बातचीत' की, जो सांस्कृतिक और सामाजिक सद्भाव की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

यह यात्रा भागवत के अंतरराष्ट्रीय आउटरीच दौरे का अंतिम चरण है, जिसमें उन्होंने पहले ही अमेरिका और कनाडा का दौरा किया है। इस दौरान उन्होंने लंदन के विलेडन स्थित श्री स्वामीनारायण मंदिर में जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में भी उपस्थिति दर्ज कराई। उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर भारतीय समुदायों के साथ जुड़ाव बढ़ाना है।

ऐतिहासिक महत्व

भागवत ने खालसा जत्था ब्रिटिश आइल्स गुरुद्वारा साहिब का दौरा किया, जो 1908 में स्थापित हुआ था। यह भारत के बाहर स्थित सबसे पुराने गुरुद्वारों में से एक है। इस अवसर पर उन्होंने 'रुमाला साहिब' अर्पित किया और 'कड़ा प्रसाद' ग्रहण किया। सांसद साहनी के अनुसार, सिख परंपरा के अनुसार गुरु दरबार में आने वाले प्रत्येक भक्त का विनम्रतापूर्वक स्वागत किया जाता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि आरएसएस के शताब्दी वर्ष के दौरान इस प्रकार के दौरे केवल धार्मिक नहीं, बल्कि रणनीतिक भी हैं। ब्रिटिश सिख और हिंदू समुदायों के बीच यह संवाद प्रवासी भारतीयों की एकता को मजबूत करने का एक प्रयास है। यह वैश्विक मंच पर 'एकत्व' (Oneness) के विचार को बढ़ावा देने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।

सांस्कृतिक संवाद के माध्यम से प्रवासी समुदायों को एकजुट करना आरएसएस की वैश्विक पहुंच को एक नई दिशा दे रहा है।

लंदन में आयोजित होने वाले 'सेलिब्रेशन ऑफ वननेस' कार्यक्रम का आयोजन हिंदू स्वयंसेवक संघ (HSS) यूके द्वारा किया गया है, जिसे 1966 में स्थापित किया गया था। इस भव्य कार्यक्रम में यूके के 310 से अधिक सामुदायिक संगठनों और संघों के शामिल होने की उम्मीद है।

Did You Know?: खालसा जत्था गुरुद्वारा साहिब लंदन के सबसे पुराने सिख धार्मिक स्थलों में से एक है, जिसकी स्थापना 1908 में हुई थी।

Frequently Asked Questions

1. मोहन भागवत का लंदन दौरा किस उपलक्ष्य में है?
यह दौरा आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित उनके अंतरराष्ट्रीय आउटरीच दौरे का हिस्सा है।

2. 'सेलिब्रेशन ऑफ वननेस' कार्यक्रम का आयोजन कौन कर रहा है?
इस कार्यक्रम का आयोजन हिंदू स्वयंसेवक संघ (HSS) यूके और इंटीग्रल यूके के सहयोग से किया जा रहा है।