यमन के जौफ प्रांत में एक जेल पर कथित हवाई हमले के बाद सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष फिर से गहरा गया है। इस हमले में एक बच्चे की मौत और कई कैदियों के मलबे में दबने की खबर है।
- जौफ प्रांत के हज़म में स्थित सेंट्रल करेक्टिव फैसिलिटी पर हमला हुआ।
- इस हमले में एक बच्चे की मौत हुई और कई कैदी मलबे में दब गए।
- हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हवाई हमले और ड्रोन तैनात करने का आरोप लगाया है।
- यमन में लंबे समय से जारी युद्धविराम अब पूरी तरह से टूटता नजर आ रहा है।
यमन में संघर्ष का एक नया और भयावह अध्याय शुरू हो गया है। हूती विद्रोहियों ने सोमवार को यमन के उत्तरी भाग में स्थित जौफ प्रांत की एक जेल पर सऊदी अरब द्वारा हवाई हमले का गंभीर आरोप लगाया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ईरान समर्थित हूती और सऊदी समर्थित यमनी बलों के बीच तनाव चरम पर है।
जेल के वार्डन के अनुसार, यह हमला जौफ प्रांत के रणनीतिक शहर हज़म में स्थित 'सेंट्रल करेक्टिव फैसिलिटी' पर किया गया। इस भीषण हमले में एक मासूम बच्चे की जान चली गई, जबकि 35 कैदी और अपने पति से मिलने आई एक महिला मलबे के नीचे फंस गए हैं। इस घटना में दो अन्य लोग घायल भी हुए हैं। हालांकि, सऊदी अरब के मीडिया मंत्रालय ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
हूती विद्रोहियों के अल-मसीराह सैटेलाइट न्यूज़ चैनल ने हमले के बाद के दृश्यों का 46 सेकंड का फुटेज प्रसारित किया। इस फुटेज में ढहे हुए भवन, बिखरा हुआ मलबा और कंक्रीट के स्लैब दिखाई दे रहे हैं, जहाँ बचाव दल मलबे के बीच लोगों की तलाश कर रहे हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यह हमला यमन में 2022 से लागू हुए नाजुक युद्धविराम के पूरी तरह से ढहने का संकेत है। जेलों को निशाना बनाना न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह क्षेत्रीय अस्थिरता को भी बढ़ाता है।
हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने चेतावनी दी है कि सऊदी अरब के खिलाफ इस 'नरसंहार' का जवाब दिया जाएगा।
हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने सऊदी अरब पर न केवल हवाई हमले करने का, बल्कि जासूसी ड्रोन तैनात करने और भाड़े के सैनिकों को हथियार सप्लाई करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि हूती बलों ने पिछले 24 घंटों में चार सऊदी टोही ड्रोन मार गिराए हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
यमन का गृहयुद्ध 2014 में तब शुरू हुआ जब हूतियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया। इसके बाद सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सरकार को बहाल करने के लिए हस्तक्षेप किया। इस युद्ध में अब तक संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के अनुसार कम से कम 150,000 लोग मारे जा चुके हैं और देश अकाल की कगार पर खड़ा है।
Frequently Asked Questions
1. यह हमला कहाँ हुआ है?
यह हमला यमन के जौफ प्रांत के हज़म शहर में स्थित सेंट्रल करेक्टिव फैसिलिटी पर हुआ है।
2. हूती विद्रोहियों का क्या कहना है?
हूतियों का आरोप है कि सऊदी अरब ने जानबूझकर जेल को निशाना बनाया है और वे इसका कड़ा जवाब देंगे।